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बेरोजगार युवा सावधान! बचें ऐसे जालसाजों से

Tue, 22 Oct 2013 11:11 PM IST
राजेश कुमार शर्मा/धर्मशाला।
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कौशल विकास भत्ते की आड़ में ठगी का बड़ा खेल शुरू हो चुका है। निशाने पर भोले-भाले युवा हैं। कई निजी प्रशिक्षण संस्थान इस खेल में कूद चुके हैं और युवाओं को लपेट लिया है।
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युवाओं को भत्ते का लालच दिया जा रहा है। 25 दिन की ट्रेनिंग के बाद विकास भत्ता देने के दावे किए जा रहे हैं। पहले 2000 रुपये दाखिले के देने होंगे।

संस्थान युवाओं को केंद्र तथा राज्य सरकार की ओर से 38 हजार रुपये का फायदा दिए जाने का वादा कर रहे हैं। कई युवा इस खेल के चक्कर में फंस गए हैं।

संस्थान तकनीकी कोर्स की बजाय आसान पाठ्यक्रम की बात कर रहे हैं। पाठ्यक्रम उत्तीर्ण करने के उपरांत दोगुनी फीस वापस करने की गारंटी साथ है।

संस्थानों ने परचे छापकर विज्ञापन की मुहिम छेड़ रखी है। इधर, उपायुक्त सी. पालरासू का कहना है कि ठगी करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

नियमों में प्रावधान नहीं : पटियाल
क्षेत्रीय रोजगार अधिकारी जेएस पटियाल का कहना है कि इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है। मान्यता प्राप्त संस्थानों में अध्ययनरत युवाओं को ही भत्ता देय है। रोजगार विभाग की ओर से इस तरह की कोई भी मुहिम नहीं चलाई गई है।

मान्यता प्राप्त संस्थान में हो अध्ययनरत
नियमानुसार दो साल तक तकनीकी प्रशिक्षण करने के लिए युवाओं को भत्ता दिया जाएगा। युवा का मान्यता प्राप्त संस्थान में अध्ययनरत होना अनिवार्य है। मासिक एक हजार रुपये भत्ता दिया जाएगा।
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रोजगार विभाग में देना होगा ब्योरा
रोजगार विभाग के पास बेरोजगारी भत्ता पाने वाले युवा का अकाउंट नंबर तथा पूरा पता होना चाहिए। इस पर संस्थान के प्रमुख तथा बैंक के मैनेजर के हस्ताक्षर होना अनिवार्य हैं। प्रार्थी के दर्शाए अकाउंट में ही भत्ते की राशि डाली जाएगी।
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