कुछ समय बाद अस्पताल का सारा स्टाफ इधर-उधर भागने लगा। उन्हें शक हुआ कि कुछ गलत हुआ। जब चाचा गुरचरण सिंह ने ओटी में जाकर जाकर देखा तो उनकी माता बैड पर मृत पड़ी थी। उनका आरोप है कि माता की मौत सरकारी अस्पताल की डॉ. स्विंकी जैन और ग्रेस अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही के कारण हुई है। मोहिंदर ने बताया कि उनकी पत्नी बिल्कुल ठीक हालत में रसौली का ऑपरेशन करवाने आई थी। सरकारी अस्पताल की महिला चिकित्सक और निजी अस्पताल की लापरवाही के कारण पत्नी की मौत हो गई।
निजी अस्पताल के निदेशक ने कहा कि ऑपरेशन के बाद ज्यादा ब्लीडिंग होने और बीपी में गड़बड़ी के कारण महिला की मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया है। सरकारी अस्पताल की महिला डॉक्टर व निजी अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज कर लिया है।
महिला मौत मामले में क्षेत्रीय अस्पताल प्रबंधन का बयान
सरकारी संस्थान में तैनात चिकित्सक किसी निजी अस्पताल में सेवाएं नहीं दे सकता। आरोपी चिकित्सक को निलंबित कर दिया है। जांच के लिए तीन डॉक्टरों की कमेटी गठित की है। जब तक मामले की जांच पूरी नहीं होगी, आरोपी चिकित्सक निलंबित रहेंगी।-संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना