चिंतपूर्णी (ऊना)। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ की एक और मांग सरकार ने पूरी कर दी है। शिक्षक महासंघ के प्रांत अतिरिक्त मंत्री सुधीर गौतम ने बताया कि गृह जिले सेे दूर सेवाएं दे रहे कनिष्ठ बुनियादी अध्यापकों, भाषा, शास्त्री और कला अध्यापकों का 13 वर्ष का वनवास मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने खत्म कर दिया है।
अब शिक्षकों का पांच वर्षों में अपने गृह जिले में तबादला हो सकेगा। गौर हो कि हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने अपने पांचवें प्रांत अधिवेशन में इस मांग को प्रमुखता से रखा था। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंच से कहा था कि जितनी भी मांगे हैं, वह सब चरणबद्ध तरीके से सभी नियमों और कायदों को ध्यान में रखते हुए पूरी की जाएंगी।
उन्होंने आश्वस्त किया था कि मांगों को पूरा करने में थोड़ा समय अवश्य लग सकता है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री पवन मिश्रा और महासंघ की पूरी टीम के आग्रह पर मंत्रिमंडल ने इन सभी अध्यापकों को बड़ी राहत दी है।
शिक्षक महासंघ ने सरकार का आभार जताया है। जिलाध्यक्ष सुशील मल्होत्रा, जिला मंत्री नरेश शर्मा, उपाध्यक्ष मोहल लाल कौंडल, मीडिया प्रभारी सुमित भारद्वाज ने एक संयुक्त बयान में कहा कि प्रदेश सरकर के इस निर्णय से हजारों शिक्षक, विशेष कर महिला शिक्षिकाएं लाभान्वित होंगी।