रायपुर सहोड़ा में रविवार को दिन भर नहीं टपका नलों में पानी
किसी काम न आया दस साल पूर्व बनाया जल भंडारण टैंक
संवाद न्यूज़ एजेंसी
मैहतपुर ( ऊना )। रायपुर सहोड़ा की पेयजल योजना में जल आपूर्ति के लिए लगी समर्सिबल मोटर के अचानक खराब हो जाने से रविवार को पूरे दिन गांव में जल संकट बना रहा। जल शक्ति योजना के तहत लगे नल सूखे पड़े रहे, जिससे ग्रामीणों को नहाने और पीने के पानी के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय कर्मचारियों ने तत्काल इसकी सूचना विभागीय अधिकारियों को दी, जिसके बाद ठेकेदार की टीम को बुलाकर खराब मोटर को बदलने की प्रक्रिया शुरू की गई। सूत्रों के अनुसार शनिवार रात मोटर के अचानक खराब हो जाने के कारण तीन में से दो जल भंडारण टैंक भर नहीं पाए। इन टैंकों में से एक टैंक पिछले लगभग दस वर्षों से अनुपयोगी बना हुआ है। न इसका कोई उपयोग हो रहा है, न ही निर्माण का औचित्य समझ में आता है। स्थिति यह है कि इस टैंक के लिए लाई गई दो मोटरें भी दस सालों से यूं ही बेकार पड़ी हैं।स्थानीय ग्रामीणों वोधराज, राजकुमार, शिवदत्त, पंकज सहोड, राजेंद्र कुमार और तेजपाल ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह टैंक सरकारी धन की फिजूलखर्ची का जीता-जागता उदाहरण है। दिनभर की मशक्कत के बाद रविवार शाम तक पेयजल आपूर्ति को बहाल किया जा सका।
नई मोटर को लगाने के लिए जेसीबी मशीन मंगाई
खराब समर्सिबल मोटर को निकालने और नई मोटर को लगाने के लिए जेसीबी मशीन मंगाई गई, लेकिन मशीन को सुचारु रूप से काम करने के लिए पेयजल योजना परिसर में लगे एक हरे पेड़ को काटना पड़ा। तब जाकर मोटर को निकाला और नई मोटर को फिट किया जा सका।
लेवर की कमी, विशेषज्ञों की जरूरत : जल शक्ति विभाग
मैहतपुर बसदेहड़ा के एसडीओ यशवंत सिंह ने बताया कि समर्सिबल मोटर निकालने और दोबारा फिट करने की प्रक्रिया समय लेने वाली होती है। विभाग के पास अब पर्याप्त लेवर नहीं है, इसलिए ऐसे कार्यों के लिए विशेषज्ञ टीम को हायर करना पड़ता है।