50 साल से मरम्मत तो दूर किसी ने नहीं ली सुध
स्कूली बच्चों का रोजाना लगा रहा आना जाना
कभी भी हो सकती है कोई अप्रिय घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत बडसाला की ओर से लगभग 50 वर्ष पूर्व जनता की सुविधा के लिए बस स्टॉप के पास निर्मित वर्षा शालिका इस समय जर्जर स्थिति में पहुंच चुकी है। अनदेखी की दरारें वर्षाशालिका में झांक रही हैं। पिलर गिरने के कगार पर हैं, जिससे बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गलती से कोई बुजुर्ग या बच्चा इसके नीचे चला जाए और पिलर को छू ले, तो गंभीर हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस वर्षा शालिका की स्थिति बीते कई दशकों से जस की तस बनी हुई है। न तो इसकी कभी मरम्मत की गई और न ही किसी ने इसकी ओर ध्यान दिया। अब स्थिति यह है कि यह ढांचा स्वयं अपने गिरने के दिन गिन रहा है। ग्रामीणों ने चिंता जताते हुए कहा कि सुबह 8:00 बजे के आसपास स्कूली बसें यहां पहुंचती हैं, जिनमें नर्सरी सहित अन्य कक्षाओं के छोटे बच्चे चढ़ते-उतरते हैं। इन मासूम बच्चों को यह भी नहीं पता कि पिलर को छूने से जान का खतरा हो सकता है। वहीं, शाम के समय क्षेत्र के बच्चे खुले स्थान होने के कारण वर्षा शालिका के पास क्रिकेट खेलते हैं। इस दौरान यदि गेंद गलती से शालिका की दिशा में चली जाए, तो कोई भी अनहोनी हो सकती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि या तो इस ढांचे की शीघ्र मरम्मत करवा दी जाए अथवा इसे ध्वस्त कर दिया जाए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। इस संदर्भ में लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता विशाल कुमार का कहना है कि यदि वर्षा शालिका का निर्माण पंचायत द्वारा करवाया गया है, तो उसकी मरम्मत का दायित्व भी पंचायत का ही है। ग्राम पंचायत प्रधान वीना देवी ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और यदि पंचायत को संबंधित मद में बजट प्राप्त होता है, तो मरम्मत कार्य करवाया जाएगा।