ऊना। हरोली विधानसभा क्षेत्र जो कभी पानी की कमी से जूझता था, अब जल प्रबंधन में नवक्रांति का अग्रणी बन चुका है। इस परिवर्तन की स्पष्ट झलक पिछले एक साल में सामने आई है। क्षेत्र में नई पेयजल योजनाओं और परियोजनाओं से न केवल जल संकट का समाधान किया, बल्कि भविष्य में जल प्रबंधन के लिए मजबूत और टिकाऊ नींव भी रखी है।
उपमुख्यमंत्री और हरोली के विधायक मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व में जल प्रबंधन के कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। पिछले एक साल में 41 करोड़ रुपये की लागत से नौ पेयजल परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया है। इससे 45,000 से अधिक लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हुआ है। इसके अलावा 122 करोड़ रुपये की लागत से 10 और जल योजनाओं का क्षेत्र में निर्माण कार्य जारी है।
महज एक साल में 64 बड़े जल भंडारण टैंकों का निर्माण किया गया है। करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इन टैंकों की कुल भंडारण क्षमता 12.8 मिलियन लीटर है। इससे न केवल क्षेत्र में जल संकट का समाधान हुआ है, बल्कि भविष्य में जल की बढ़ती आवश्यकताओं के लिए भी एक मजबूत आधार भी बना है।
बल्क ड्रग पार्क में बनाए 75 लाख लीटर क्षमता के टैंक
क्षेत्र में जल स्रोतों के रिचार्जिंग पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा बल्क ड्रग पार्क परियोजना के तहत 50 लाख लीटर और 25 लाख लीटर क्षमता वाले दो जल भंडारण टैंक बनाए गए हैं। ये टैंक पार्क में जल आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे, जो क्षेत्र में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन का आधार बनेंगे।
64 जल भंडारण टैंक सिर्फ कंक्रीट की संरचनाएं नहीं हैं, बल्कि ये हरोली क्षेत्र के हजारों परिवारों के लिए स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य की गारंटी हैं। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के विजन के तहत विभाग की परियोजनाओं ने हरोली के लोगों के जीवन में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब क्षेत्र के लोग हर मौसम में स्वच्छ पेयजल का उपयोग कर पा रहे हैं।
- पुनीत शर्मा, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग
हरोली में बना जल संग्रहण टैंक। विभाग