देरी से बारिश के बाद कोहरे की मार से फसल प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
मुबारिकपुर (ऊना)। मुबारिकपुर क्षेत्र के किसान इन दिनों गेहूं की फसल को लेकर चिंतित हैं। क्षेत्र में पहले सूखे का खतरा लगातार किसानों के सामने समस्या बनता रहा है। हाल ही में हुई हल्की बारिश से किसानों को थोड़ी राहत मिली, लेकिन पारंपरिक सिंचाई के स्रोत भी समय के साथ सूखे की चपेट में आ चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप होने के बावजूद सभी किसानों तक सिंचाई सुविधा नहीं पहुंच पाई है। ऐसे में यहां के किसान अब पूरी तरह बारिश पर निर्भर हैं। दूसरी ओर, घने कोहरे के चलते गेहूं की फसल को होने वाले नुकसान से किसान परेशान हैं।
किसानों के अनुभव
स्थानीय निवासी गुजर सिंह का कहना है कि मौसम की अनिश्चितता के कारण गेहूं की फसल को नुकसान हो रहा है। उन्होंने सरकार से छोटे किसानों की फसल के लिए बेहतर सिंचाई व्यवस्था करने का आग्रह किया।
ओंकार चौधरी ने कहा कि वर्षा का समय पर न होना फसल की पैदावार पर असर डालता है। अब खेती करना आसान नहीं रहा और परिवार के गुजारे लायक फसल तैयार करना भी चुनौती बन गया है।
मनजीत केशव का कहना है कि गेहूं की फसल पर कोहरे का असर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले दो महीनों तक फसल को पानी नहीं मिला और बची फसल का नुकसान खुले में घूम रहे पशुधन से भी हो रहा है।
संजीव भोगल ने कहा कि बीज, बिजाई और अन्य खर्च करने के बाद भी उतनी पैदावार नहीं मिलती जितनी उम्मीद की जाती है। यही कारण है कि अधिकांश छोटे किसान खेती से दूर हो रहे हैं।