ऊना। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने विश्व मधुमेह दिवस पर जिला परिषद हाल ऊना में जिला स्तरीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी डा. रिचा कालिया ने बताया कि इस वर्ष का थीम डायबिटीज केयर तक पहुंच और अभी नहीं तो कब पर है।
उन्होंने कहा कि मधुमेह से पीड़ित को समय पर दवाई लेनी चाहिए। हर छह महीने पर अपनी आंखों की जांच करवानी चाहिए। मधुमेह दो प्रकार की होती है डायबिटीज वन और डायबिटीज टू। डायबिटीज वन में शरीर में इंसुलिन नहीं बनता तथा रोगी को जीवन भर इंसुलिन लेना पड़ता है। डायबिटीज टू के कई कारण हो सकते हैं जैसे मोटापा, शारीरिक श्रम न करना, पेंक्रियास ग्रंथि में समस्या का होना शामिल हैं। जिला स्वास्थ्य शिक्षक गोपाल कृष्ण ने बताया कि मधुमेह से दृष्टिदोष, गुर्दे में खराबी, हार्ट अटैक, स्ट्रोक इत्यादि होने का खतरा होता है।
इस मौके पर विकास खंड ऊना की पंचायतें जिनमें बसाल लोअर, टक्का, अरनियाला लोअर,अरनियाला अपर, मलाहत, छतरपुर, अजौली, बटूही, बदौली, नंगल सलांगडी, कुरियाला, लंलेहड़ी, अजनोली, मदनपुर, बडसाला तथा झुडोवाल के पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया।