ऊना। पीजीआई सैटेलाइट सेंटर में बनने वाले एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) और ईटीपी (इंफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट) के लिए मृदा परीक्षण का कार्य पूरी तरह से संपन्न हो चुका है। अब जल शक्ति विभाग प्लांट के निर्माण कार्य को प्रारंभ करेगा।
इस निर्माण कार्य पर लगभग छह करोड़ रुपये का बजट खर्च किया जाएगा। निर्माण कार्य के बाद सेंटर में सीवरेज लाइन बिछाने का कार्य भी शुरू होगा।ऊना के समीप मलाहत में पीजीआई सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य चल रहा है। इसका निर्माण कार्य पीजीआई चंडीगढ़ की तर्ज पर किया जा रहा है, जिसमें स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
जल शक्ति विभाग ने इस प्रोजेक्ट के लिए मृदा परीक्षण और टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस प्लांट का निर्माण इसी माह शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद सीवरेज लाइन का कार्य भी पूरा किया जाएगा। इन प्लांट्स के माध्यम से अस्पताल में इस्तेमाल होने वाले पानी का उपचार भी किया जाएगा।पीजीआई चंडीगढ़ की तर्ज पर ऊना में स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए करीब 495 करोड़ रुपये की लागत से पीजीआई सैटेलाइट सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। इससे क्षेत्र के लाखों लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से मिल सकेंगी।
इस सेंटर के निर्माण में पहले पर्यावरण मंजूरी में देरी हुई थी, लेकिन अब सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। पीजीआई सैटेलाइट सेंटर के निर्माण स्थल पर सड़क, बिजली और पानी की व्यवस्था करना प्रदेश सरकार का जिम्मा है। इसके बनने से क्षेत्र के मरीजों को उपचार के लिए पीजीआई चंडीगढ़ जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
पीजीआई सैटेलाइट सेंटर में एसटीपी और ईटीपी प्लांट को स्थापित करने के लिए मृदा परीक्षण का कार्य पूरा हो गया है। इसके अलावा टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।
ईं. राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग, ऊना।