ऊना। सुबह आसमान से बारिश की फुहारों ने पंचायत चुनाव की रफ्तार को धीमा जरूर कर दिया लेकिन लोकतंत्र की तपिश के आगे बारिश की ठंडक ज्यादा देर टिक नहीं पाई। बूंदाबांदी के बीच शुरुआती घंटों में कई मतदान केंद्रों मतदाताओं की काफी कम संख्या नजर आई।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार जिला की 81 पंचायतों में सुबह नौ बजे तक केवल 19.81 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ लेकिन जैसे-जैसे बादल छंटे और बारिश कम हुई, मतदाता गांवों की गलियों से निकलकर अपने अपने मतदान केंद्रों की ओर उमड़ पड़े।
करीब 11 बजे तक जिला की तीसरे चरण के पंचायत चुनाव का मतदान का आंकड़ा प्रतिशत 39.91 तक पहुंच गया। शुरुआती दौर में ऐसा लग रहा था कि तीसरे और अंतिम चरण के पंचायत चुनाव में मतदान का आंकड़ा 70 प्रतिशत भी नहीं छू पाएगा। बारिश के कारण मतदान केंद्रों में मतदाताओं की कम संख्या को देख प्रत्याशियों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती थी।
दोपहर को बारिश रुकी तो मतदान केंद्रों में मतदान करने वालों की लाइनें देखकर प्रत्याशियों ने भी राहत की सांस ली। दोपहर एक बजे तक यह आंकड़ा 64 प्रतिशत पर जा पहुंचा। बारिश थमने के साथ ही लोकतंत्र की रफ्तार भी तेज होती गई और मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें नजर आने लगीं। इसके बाद अपने मत का प्रयोग करने वालों ने समय न गंवाते हुए सीधा मतदान केंद्र का रुख किया।
मतदान करने में वालों में बुजुर्गों ने भी बारिश की परवाह न करते हुए मतदान केंद्र तक पहुंचे और अपने पंच प्रधान चुनने के लिए अपने मत का प्रयोग किया। चुनाव आयोग के पौने सात बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक शाम तक मतदान का प्रतिशत 79.60 तक पहुंच गया। हालांकि कई मतदान केंद्रों में शाम सात बजे तक भी मतदान के लिए लाइनें लगी रहीं।
ऊना में तेज बारिश के बीच बारिश से बचने के लिए में छाता लेकर जाते हुए ।संवाद
ऊना में तेज बारिश के बीच बारिश से बचने के लिए में छाता लेकर जाते हुए ।संवाद
ऊना में तेज बारिश के बीच बारिश से बचने के लिए में छाता लेकर जाते हुए ।संवाद
ऊना में तेज बारिश के बीच बारिश से बचने के लिए में छाता लेकर जाते हुए ।संवाद
ऊना में तेज बारिश के बीच बारिश से बचने के लिए में छाता लेकर जाते हुए ।संवाद
ऊना में तेज बारिश के बीच बारिश से बचने के लिए में छाता लेकर जाते हुए ।संवाद
ऊना में तेज बारिश के बीच बारिश से बचने के लिए में छाता लेकर जाते हुए ।संवाद