फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बहुचर्चित मोतीलाल हत्याकांड : पैसे के लेन-देन को लेकर दोस्त को दी मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
हत्याकांड में मुख्य आरोपी वकील सिंह ने किया जुर्म कबूल
विज्ञापन

पुलिस ने बरामद किए कपड़े और सोने की अंगूठी
संवाद न्यूज एजेंसी

गगरेट (ऊना)। गगरेट उपमंडल के बहुचर्चित रायपुर मरवाड़ी मोतीलाल हत्याकांड की गुत्थी आखिरकार सुलझ गई है। पुलिस रिमांड पर मुख्य आरोपी वकील सिंह ने अपराध कबूल करते हुए कई खुलासे किए हैं। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने सोने की अंगूठी और वारदात के दिन पहने कपड़े बरामद कर लिए हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी वकील सिंह और मोतीलाल के बीच पैसों का पुराना लेन-देन चल रहा था। बताया गया कि मोतीलाल ने आरोपी को शादी के नाम पर दो लाख रुपये दिए थे। जब वकील सिंह ने रकम लौटाने से इंकार किया तो दोनों के बीच विवाद गहराने लगा। कई बार की टालमटोल के बाद 7 अगस्त की सुबह मोतीलाल ने सीधे मुलाकात कर हिसाब मांगने का फैसला किया, जो उसकी ज़िंदगी की आखिरी सुबह साबित हुई। गगरेट पुलिस के अनुसार दोनों स्कूटी पर सवार होकर निकले और क्षेत्र में काफी देर तक घूमते रहे। इस दौरान पैसों को लेकर कहासुनी बढ़ गई। गुस्से में आकर वकील सिंह ने मोतीलाल को धक्का दिया, जिससे वह गिर पड़ा। जब उसने विरोध किया तो आरोपी ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को खींचकर रायपुर मरवाड़ी के घने जंगल में फेंक दिया और घर लौटकर सामान्य व्यवहार करता रहा। बिसरा रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने तीन दिन पहले ही आरोपी को गिरफ्तार किया है। सबूतों के दबाव में वकील सिंह आखिरकार टूट गया और अपराध स्वीकार कर लिया।
यह मामला 17 अगस्त को तब उजागर हुआ, जब रायपुर मरवाड़ी के जंगल से सड़ी-गली हालत में एक शव मिला। कपड़ों और जूतों से उसकी पहचान पठानकोट निवासी मोतीलाल (55) के रूप में हुई। शुरू में इसे गुमशुदगी का मामला माना गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर और गर्दन पर गंभीर चोटें मिलने के बाद हत्या की पुष्टि हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

शव की पहचान पक्की करने के लिए डीएनए टेस्ट करवाया गया, जिसमें मोतीलाल के परिजनों के सैंपल लिए गए। रिपोर्ट मिलान के बाद जांच हत्या की दिशा में मुड़ गई। परिजनों के शक के आधार पर पुलिस ने वकील सिंह को घेरे में लिया और मोबाइल डाटा, कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ दीं। एसएसपी ऊना सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से वारदात के हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या हत्या में कोई और व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें