जियो और एयरटेल कंपनियों को सिग्नल बूस्टर लगाने के निर्देश
मेले की तैयारियों को लेकर विधायक की मौजूदगी में हुई समीक्षा बैठक
ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली और टेंपो जैसे मालवाहक वाहनों से आने पर पूरी रोक लगा दी
यात्रियों की सुविधा के लिए एचआरटीसी की विशेष बसें चलाई जाएंगी
नैहरी से मैड़ी के बीच 100 टैक्सियों को विशेष परमिट दिया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
अंब (ऊना)। प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मैड़ी में 24 फरवरी से 5 मार्च तक आयोजित होने वाले होली मेले की तैयारियों को लेकर शनिवार को अजीत दरबार में समीक्षा बैठक हुई। इसमें चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू की उपस्थिति में प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने मेले के आयोजन की योजना पर चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसडीएम अंब पारस अग्रवाल ने कहा कि मेले में सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा प्राथमिकता होगी।
मेले के सुचारु संचालन के लिए पूरे क्षेत्र को 10 सेक्टरों में बांटा गया है, जिनकी जिम्मेदारी एडीसी ऊना और एएसपी ऊना संभालेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 1200 पुलिस और होमगार्ड जवान तैनात किए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस साल ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली और टेंपो जैसे मालवाहक वाहनों से आने पर पूरी रोक लगा दी गई है। इन वाहनों को जिला की सीमाओं पर ही रोक दिया जाएगा, और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए एचआरटीसी की विशेष बसें चलाई जाएंगी और नैहरी से मैड़ी के बीच 100 टैक्सियों को विशेष परमिट दिया जाएगा।
स्थानीय निवासियों ने स्कूली बच्चों को होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया, जिस पर विधायक ने निर्देश दिया कि बच्चों के लिए एचआरटीसी की दो विशेष बसों का इंतजाम किया जाएगा। साथ ही, मोबाइल सिग्नल की समस्या को हल करने के लिए जियो और एयरटेल कंपनियों से बात की गई है, और उन्हें सिग्नल बूस्टर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
मेले में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मेडिकल पोस्ट और एंबुलेंस तैनात रहेंगी। मुख्य आयोजनों में 3 मार्च को झंडा चढ़ाने की रस्म और 5 मार्च की रात पंजा प्रसाद वितरण होगा। स्वच्छता बनाए रखने के लिए सड़क किनारे लंगर लगाने पर रोक लगाई गई है, और लंगर लगाने वालों को एसडीएम कार्यालय से अनुमति प्राप्त करनी होगी और सुरक्षा राशि जमा करनी होगी। सफाई का काम सुलभ इंटरनेशनल को सौंपा गया है, और दुकानदारों के लिए डस्टबिन रखना अनिवार्य होगा। लाउडस्पीकर के समय और आवाज की सीमा भी तय की गई है।
बैठक में मंजी साहिब गुरुद्वारा के प्रबंधक सरदार परमजीत सिंह ने श्रद्धालुओं के सामने आने वाली व्यावहारिक समस्याओं को उठाया। उन्होंने कहा कि कई बार बैठक के फैसले जमीन पर लागू नहीं होते। विशेष रूप से जो श्रद्धालु अपना राशन और बिस्तर लेकर आते हैं, उन्हें शटल बसों में सामान ले जाने में कठिनाई होती है। साथ ही कुछ बाहरी लोग अपनी ओर से बैरियर लगाकर व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं, जो कि पुलिस को रोकना चाहिए। इस पर एएसपी ऊना संजीव भाटिया ने विश्वास दिलाया कि प्रशासन इस बार हर समस्या का समाधान करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा में किसी भी बाहरी दखल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पुलिस बल 24 घंटे तैनात रहकर निगरानी करेगा।
विधायक सुदर्शन सिंह बबलू ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे नियमों का पालन करें और असुरक्षित वाहनों में यात्रा से बचें ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।