नियमों को ताक पर रखकर मालवाहक वाहनों में सफर कर रहे श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
दौलतपुर चौक (ऊना)। होला-मोहल्ला मेले में प्रशासनिक अमले के दावों के विपरीत मालवाहक वाहनों में मौत का सफर जारी है। हादसों के बावजूद लापरवाही बरती जा रही है। है। पहाड़ी क्षेत्र प्रदेश हिमाचल में सड़क हादसों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। आए दिन प्रदेश में कहीं न कहीं सड़क हादसों के कारण कुछ घरों के चिराग बुझते हैं, जबकि कई लोगों को उम्रभर के लिए जख्म मिलते हैं। सड़क हादसों के अधिकतर मामलों में तकनीकी समस्या के अलावा मानवीय चूक भी सामने आई है। प्रदेश में ऐसे कई हादसे हुए हैं जब मालवाहक वाहनों में सफर करने वाले श्रद्धालुओं को जान गंवानी पड़ी है।
प्रशासन भी किसी और बड़ी दुर्घटना के इंतजार में है। यही वजह है कि पुलिस प्रशासन की आंखों के सामने हो रहे इस मौत के सफर पर अंकुश नहीं लगाया गया। हालांकि, मेला प्रशासन ने मालवाहकों में आने वाले श्रद्धालुओं को पंजाब की सीमा पर ही रोक कर इन्हें बसों के माध्यम से मेला क्षेत्र तक लाने का एलान किया लेकिन मैड़ी मेले में शरीक होने के लिए प्रशासन के इस फरमान पर भी हजारों श्रद्धालु मालवाहक वाहनों में सवार सरकारी आदेशों पर पानी फिरता दिखा रहा है। ऑटो तक में ओवरलोडिंग की जा रही।
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पहले भी हो चुकी हैं बड़ी दुर्घटनाएं
मालवाहक वाहनों में उपमंडल के धार्मिक स्थलों पर आने वाले कई श्रद्धालु वाहन दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। यही नहीं उच्च न्यायालय ने इसका कड़ा संज्ञान लेते हुए प्रदेश में मालवाहकों में सवारी पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसका मूल उद्देश्य दुर्घटनाओं को रोकना ही है। हैरत की बात तो यह है कि नियम श्रद्धा व आस्था के आगे बौने साबित हो रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि पुलिस मुस्तैदी से सड़क सुरक्षा नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन चालकों के चालान करती है। लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। नियमों के तहत ही सफर करना उनकी बेशकीमती जान को बचा सकता है। पुलिस अपनी कार्रवाई लगातार कर रही है लेकिन लोगों के सहयोग बगैर शत-प्रतिशत सुधार संभव नहीं।