नारी (ऊना)। महिलाएं अगर कुछ करने का संकल्प ले लें तो वे उसमें सफलता जरूर हासिल करती हैं। ऐसा ही उदाहरण पेश किया है चताड़ा गांव की अनीता ने, उन्होंने पीएनबी आरसेटी से डिटर्जेंट पाउडर बनाने का निशुल्क प्रशिक्षण हासिल किया।
इसके उपरांत इसी कार्य से आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया और आज घर बैठे ही 30 हजार रुपये प्रतिमाह आय अर्जित कर रही हैं। दस अन्य महिलाओं को भी डिटर्जेंट बनाने का निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान कर रही है ताकि वे भी आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ सकें।
अनीता ने आज से दो वर्ष पहले डिटर्जेंट पाउडर बनाने का कार्य शुरू किया था। वर्तमान में उनके द्वारा तैयार डिटर्जेंट पाउडर की स्थानीय स्तर पर बाजार में अच्छी बिक्री हो रही है। अनीता का कहना है कि इसका रॉ मैटेरियल बाजार में आसानी से मिल जाता है।
अनीता बताया कि वह 500 ग्राम के पैकेट से पांच किलोग्राम की पैकिंग हाथ से ही तैयार करती हैं। डिटर्जेंट पाउडर छोटे स्तर पर घर पर हाथ से भी बनाया जा सकता है, इसके अलावा बड़े स्तर पर तैयार करने के लिए मशीनों का सहारा लिया जा सकता है।
इसके लिए पीएनबी की ओर से कम ब्याज पर लोन दिया जाता है। डिटर्जेंट पाउडर की सेल के लिए सरकार द्वारा हिम ईरा ब्रांड के तहत बेचने के अवसर प्रदान किया जा रहा है। इसके तहत दुकानों, स्टॉल या मेलों में डिटर्जेंट पाउडर की अच्छी बिक्री हो जाती है। कई सरकारी कार्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों से भी इस डिटर्जेंट पाउडर के लिए ऑर्डर आते हैं।
हर व्यक्ति को अपने घर में डिटर्जेंट पाउडर की मांग रहती है, ऐसे में स्थानीय स्तर पर बिक्री हो जाती है। अनीता ने बताया कि एक किलोग्राम डिटर्जेंट पाउडर तैयार करने में 50 से 60 रुपये तक खर्च होते हैं, बिक्री करने पर 30 से 40 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बचत हो जाती है।
अनीता का कहना है कि मेहनत करने वाले इंसान के सामने आने वाली सभी कठिनाइयां झुक जाती हैं। उन्होंने कहा कि मैंने अपने बलबूते पर ही इस कार्य को यहां तक पहुंचाया है और बढ़िया जीवनयापन चल रहा है।