रजत पदक विजेता निषाद कुमार परिवार के साथ माता चिंतपूर्णी के मंदिर पहुंचे।
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भरवाईं (ऊना)। पैरालंपिक में रजत पदक जीतने वाले निषाद ने जेठे मंगलवार को माता चिंतपूर्णी के दरबार में पावन पिंडी के दर्शन किए। इस दौरान मंदिर का कोई भी अधिकारी व कर्मचारी निषाद को मंदिर दर्शन करवाने के लिए उपस्थित नहीं रहा। यही नहीं मेडल जीतने के बाद पहली बार चिंतपूर्णी पहुंचे निषाद को सम्मानित करना भी मंदिर प्रशासन भूल गया।
मंदिर कार्यालय में तैनात किसी भी अधिकारी व कर्मचारी ने यह जरूरी नहीं समझा कि निषाद ने रजत पदक जीतकर हिमाचल व ऊना जिला की शान बढ़ाई है, उसे माता चिंतपूर्णी की फोटो व सिरोपा देकर सम्मानित करें। पुजारी नवीन कालिया, मनोज कालिया, पुनीत कालिया ने निषाद व उसके माता पिता को मां का सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया। हैरानी की बात है कि जब कोई वीआईपी मंदिर आता है तो मंदिर में तैनात अधिकारी व कर्मचारी उनको मंदिर में दर्शन करवाने से लेकर सम्मानित करने तक साथ रहते हैं, लेकिन प्रदेश का नाम रोशन करने वाले निषाद के लिए मंदिर में कोई मौजूद नहीं रहा। इस संबंध में एसडीएम अंब मनेश यादव ने बताया कि सिल्वर मेडल जीतने वाले निषाद ऊना जिला की शान है और हमारे लिए किसी सम्मान से कम नहीं है।
उन्होंने कहा कि बीते कल मंदिर अधिकारी को उनका नंबर दिया था, लेकिन उनके मंदिर पहुंचने पर उनके साथ मंदिर का कोई कर्मचारी व अधिकारी मौजूद क्यों नहीं रहा, इस बारे जानकारी ली जाएगी। वहीं, कार्यकारी मंदिर अधिकारी रोहित जालटा ने कहा कि निषाद को मंदिर में दर्शन करवाने को लेकर एक होमगार्ड की ड्यूटी लगाई थी। अचानक से कोई बिना बताए मंदिर में आ जाए तो इसको लेकर वह क्या कर सकते हैं।