किसानों को औषधीय पौधों की खेती के लिए किया जाएगा जागरूक
ग्रामीण स्तर पर आयोजित किए जाएंगे जागरूकता शिविर
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिलावासियों को औषधीय पौधों की खेती से जोड़ने के लिए आयुष विभाग नववर्ष में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसे लेकर विभाग की तरफ से पंचायतों में जाकर लोगों को औषधीय पौधों की खेती करने के लिए जागरूक भी किया जाएगा। इस अभियान में कृषि विभाग की भी मदद ली जाएगी। इसमें तुलसी, अश्वगंधा, नीम, ऐलोवेरा व हल्दी आदि की खेती करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा। मार्च 2025 से इस अभियान की जिले में शुरुआत की जाएगी।
आयुष स्वास्थ्य केंद्रों में हर्बल गार्डन स्थापित करने के साथ-साथ अब किसानों को भी औषधीय पौधों की खेती करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस अभियान को जिले भर में चलाया जाएगा। इसके लिए आयुष विभाग कृषि विभाग से भी मदद लेगा ताकि औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा मिल सके। आयुष स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सकों को भी अपने क्षेत्र में इस प्रकार से जागरूकता शिविर आयोजित करने के लिए भी विभाग ने निर्देश जारी किए हैं। इन पौधों के प्रयोग से कैसे शरीर को विभिन्न रोगों से दूर रखा जा सकता है। इसके साथ ही लोगों को परंपरागत खेती के अलावा इन औषधीय पौधों की खेती बड़े पैमाने पर करने व इससे अपनी आमदनी कैसे बढ़ानी है। इसके लिए पंचायतों में जाकर लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। वर्तमान में जिला में औषधीय पौधों की खेती न के बराबर हैं। अधिकतर लोगों को इस संबंध में जागरूकता कम होने के चलते लोग औषधीय पौधों की खेती नहीं करते हैं। इस समस्या को दूर करने और अधिक लोगों को औषधीय पौधों की खेती से जोडऩे के लिए जिला भर में इस विशेष अभियान को शुरू करने के लिए आयुष विभाग ने रूपरेखा तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया है।
कोट्स
औषधीय पौधों की खेती करने के लिए लोगों को पंचायत स्तर पर जाकर जागरूक किया जाएगा। इसके लिए मार्च 2025 से अभियान को शुरू किया जाएगा। इसके लिए रूपरेखा तैयार की जा रही है।
डा. किरण शर्मा, जिला आयुष अधिकारी ऊना।