डीसी अभिषेक जैन ने जिला के अधिकारियों को जनता की समस्याओं का समयबद्ध निपटारा करने और उनकी शिकायतों के निवारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
वीरवार को प्रशासन में कार्यकुशलता लाने के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीसी ने सभी एसडीएम को भी निर्देश दिए कि वे महीने में एक बार उपमंडल स्तर के अधिकारियों के साथ अवश्य बैठक करें।
डीसी ने अधिकारियों का आह्वान किया कि वे विभिन्न स्कीमों के तहत विभागों को प्रदान की गई धनराशि की यूसी रिपोर्ट भी तुरंत भेजना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि अवैध खनन रोकने के लिए जिन विभागों को शक्तियां प्रदान की गई हैं, उन विभागों के अधिकारी इन शक्तियों का इस्तेमाल करें और उनके संज्ञान में यदि अवैध खनन का कोई मामला आता है तो वह इस बारे कड़ी कार्रवाई करें।
सड़कों के किनारे बंदरों को वस्तुएं देना अपराध
डीसी ने बताया कि बंदरों को सड़कों के किनारे खाने-पीने की वस्तुएं देना एक दंडनीय अपराध है। इस बारे मंदिर न्यास चिंतपूर्णी की ओर से जिला में दस चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं।
डीसी ने यह भी बताया कि जिला में इस साल 275 वर्षा जल संग्रहण ढांचे बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 142 बन चुके हैं। उन्होंने मिड-डे मील योजना के तहत बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और भोजन बनाए जाने वाले स्थल में समुचित साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
मनरेगा की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इसके तहत 10 करोड़ 12 लाख रुपये की राशि खर्च की गई है। 20 लाख रुपये की लागत से बाबा बड़भाग सिंह में शौचालय बनाए जाएंगे। इस अवसर पर एडीएम राजेश कुमार मारिया, ऊना, बंगाणा व अंब के एसडीएम, एएसपी, सहायक आयुक्त व सीएमओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।