जिला स्तरीय समीक्षा एवं बैंक सलाहकार समिति की त्रैमासिक बैठक उपायुक्त अभिषेक जैन की अध्यक्षता में हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने कहा कि ऊना जिला में 22 बैंकों की 121 शाखाओं ने जिला वार्षिक ऋण योजना के सितंबर 2015 तक के लिए निर्धारित लक्ष्य 507.40 करोड़ के बदले 863.20 करोड़ रुपये के ऋण बांट लक्ष्य से 170.12 प्रतिशत अधिक उपलब्धि दर्ज की है।
प्राथमिकता सेक्टर में भी निर्धारित लक्ष्य 459 करोड़ के बदले 607.34 करोड़ के ऋण बांटे है। उन्होंने कहा कि बैंकों ने पिछले साल की अब तक की उपलब्धि की तुलना में सीडी अनुपात में भी 37.55 प्रतिशत बढ़ोतरी की है। उपायुक्त ने अन्य सभी सेक्टरों और गरीबी उन्मूलन तथा रोजगार सृजन सहित भारत सरकार एवं भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों एवं प्रतिपादित योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की।
सरकारी एवं अर्द्ध-सरकारी संस्थाओं को भी अपने लक्ष्य हासिल करने में बैंकों से सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने सभी 47 हजार किसान कार्ड धारकों को फसल बीमा योजना के तहत लाने और नुकसान पर बीमा से क्षतिपूर्ति का लाभ दिलाने पर गंभीरता से काम करने की हिदायत दी।
बैंकों की कारगुजारी बेहतर : काला
इससे पहले पंजाब नेशनल बैंक (अग्रणी बैंक) के हमीरपुर सर्कल के प्रमुख एसके काला ने बताया कि जिला में सभी मापदंडों पर बैंकों की कारगुजारी बेहतर रही है। सभी बैंकों के डिपॉजिट 5683 करोड़ रहे, जो इसी अवधि में पिछले सात 5034 करोड़, इनमें नेट 653 करोड़ की बढ़ोतरी रही है। उन्होंने बताया कि कुल ऋण आबंटन भी पिछले साल सितंबर तक अवधि के 1787 करोड़ से बढ़कर 2134 करोड़ दर्ज रहे है जो 19.41 की वृद्धि है। प्राथमिकता क्षेत्र में भी बैंकों ने 1532 करोड़ के ऋण बांटे है जो जिला के कुल ऋण आवंटन का 71.77 प्रतिशत है। रविकांत शर्मा जिला मुख्य अग्रणी बैंक मैनेजर ने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत जिला में अब तक 45,170 किसान क्रेडिट जारी हुए हैं। सितंबर 2015 तक 3479 स्वयं सहायता समूह बैंक ऋणों से जोड़े गए हैं। 3294 समूहों को वित्तीय लाभ दिया।
ये रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में नाबार्ड के जिला विकास मैनेजर डॉ. विवेक पठानिया तथा भारतीय रिजर्व बैंक के एलडीओ रमेश कुमार ने भी प्रतिभागियों के साथ अपनी योजनाओं व भारत सरकार के फ्लैग कार्यक्रमों की समीक्षा की। बैठक में सभी बैंकों के मैनेजर, जिला समन्वयकों तथा निगमों-बोर्डों के अधिकारी व गैर सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।