ऊना अस्पताल में मां ओर बच्चे की मृत्यु के बाद अस्पताल में परिजनों व स्थानीय लोगों से बात करते
- फोटो : Archive
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल में रीना कुमारी और उसके नवजात बच्चे की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। एक तरफ परिवार में नए मेहमान के आने की उम्मीद थी, वहीं कुछ ही समय में खुशियां मातम में बदल गईं।
इस घटना ने छह साल के मासूम बच्चे के सिर से मां का साया छीन लिया। जिस उम्र में बच्चे को मां की ममता, दुलार और देखभाल की सबसे अधिक जरूरत होती है, उस उम्र में उसे मां के बिना जिंदगी बितानी पड़ेगी। परिवार के लिए इस सदमे को सहन करना मुश्किल हो गया है।
पत्नी और नवजात बच्चे को खोने के बाद पति राजीव कुमार की पीड़ा उस समय छलक पड़ी, जब उसने कहा, मुझे भी मार दो, मैं अब जी कर क्या करूंगा।
पत्नी के साथ जीवन बिताने और बच्चे के जन्म के बाद परिवार के भविष्य को लेकर संजोए सपने एक ही झटके में बिखर गए। राजीव के इन शब्दों ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया। परिवार के सामने अब छह साल के बेटे की परवरिश और भविष्य की जिम्मेदारी के साथ इस गहरे दुख से उबरने की चुनौती है।
ऊना अस्पताल में मां ओर बच्चे की मृत्यु के बाद अस्पताल में परिजनों व स्थानीय लोगों से बात करते - फोटो : Archive
ऊना अस्पताल में मां ओर बच्चे की मृत्यु के बाद अस्पताल में परिजनों व स्थानीय लोगों से बात करते - फोटो : Archive