ऊना। स्थान : मातृ-शिशु अस्पताल ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल में शुक्रवार सुबह से मरीजों का आना-जाना लगा है। मरीज उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल में पहुंच रहे हैं।
इस दौरान सुबह करीब 10:40 बजे गंभीर हालत में अल्ट्रासाउंड कक्ष से एक गर्भवती महिला को उपचार के लिए मातृ-शिशु अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में लाया जाता है। इस दौरान महिला की गंभीर हालत को देखते हुए ऑपरेशन करने का निर्णय लिया।
इस दौरान परिजन जच्चा-बच्चा के ठीक होने की कामना करने लगे। करीब 15 मिनट के बाद ओटी का दरवाजा खुला। इस दौरान एक महिला सुरक्षा कर्मी बाहर निकली। परिजनों ने महिला कर्मचारी से पूछा कि मरीज की हालत कैसी है। इस पर सुरक्षा कर्मी बस इतना कह कर चली गई कि अब चिकित्सक उपचार में जुटे हुए हैं।
इसी दौरान परिजनों में से बुजुर्ग महिला ने बताया कि उनके मरीज को समय पर उपचार नहीं मिला। अब आनन-फानन में चिकित्सक उपचार के लिए ऑपरेशन थियेटर में लेकर आ गए। अगर पहले ही कोई दिक्कत लग रही थी तो समय से उपचार शुरू कर देते।
ओटी के बाहर अभी इन चर्चाओं का दौर चल रही रहा था कि इतने में सूचना मिली कि जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो चुकी है। इसके बाद परिजनों ने ओटी में जाने का प्रयास किया लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास भी किया।
ऐसे में परिजन सुरक्षा कर्मियों से बहसबाजी करते हुए ओटी में घुस गए। देखते ही देखते ऑपरेशन थियेटर में अस्पताल प्रबंधन व महिला चिकित्सक के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच एक महिला परिजन बेहोश होकर जमीन पर गिर गई।
अस्पताल में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस जवान भी मौके पर पहुंचे। इसके अलावा एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल, तहसीलदार ऊना सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंंचे।
अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन परिजन महिला चिकित्सक को मौके पर बुलाने व उसे गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान अस्पताल परिसर में करीब छह घंटे तक हंगामा होता रहा। दूसरी तरफ गायनी ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचे मरीज बिना जांच के ही वापस लौटने को मजबूर हुए।