मैहतपुर में मोबाइल ऐप से ईपास की स्कैनिंग करते हुए कर्मचारी
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मैहतपुर (ऊना)। हिमाचल-पंजाब पर ऊना के सरहदी जांच नाके पर कुछ दिनों से मोबाइल ऐप के सर्वर में चल रही समस्या शनिवार को दुरुस्त कर दी गई। इससे बॉर्डर पर कर्मचारियों ने मोबाइल ऐप से दूसरे राज्यों से आ रहे लोगों के पास मोबाइल से स्कैन करने के बाद उन्हें एंट्री दी। भीड़ बढ़ने के बावजूद लोगों को ज्यादा देर तक जांच नाके पर नहीं रुकना पड़ा।
सीमा पर हिमाचल में आने वाले लोगों की कोविड निगेटिव रिपोर्ट, ई-पास तथा डबल डोज वैक्सीनेशन के प्रमाणपत्र मोबाइल ऐप से स्कैन कर जाचे गए। इससे पहले ई पास की स्कैनिंग को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। बीते शुक्रवार को कर्मचारियों को अन्य राज्यों से आ रहे श्रद्धालुओं, यात्रियों के ईपास को मैनुअली चेक करने के बाद उन्हें प्रवेश देने की प्रक्रिया अपनानी पड़ रही थी। इससे नाके पर जांच को लेकर यात्रियों को काफी देर तक इंतजार भी करना पड़ रहा था। शनिवार को दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में लोगों से बॉर्डर से प्रवेश किया।
इसमें से बहुत से लोग डेरा बाबा बड़भाग सिंह, चिंतपूर्णी और ज्वाला जी शक्तिपीठों में दर्शनों के लिए रवाना हुए। इसके अलावा वीकेंड के चलते शनिवार को हिमाचल आने वाले लोगों की तादाद में काफी रही। इन लोगों की कोविड निगेटिव रिपोर्ट तथा वेक्सीनेशन की डबल डोज के साथ-साथ ईपास की जांच के बाद ही एंट्री दी गई।
मालवाहक वाहनों से धार्मिक स्थलों को आ रहे श्रद्धालुओं को नाके पर उतारकर बसों से आगे जाने की इजाजत दी गई। सिरसा हरियाणा से आए 15 से 20 श्रद्धालुओं ने कहा कि उन सबने वैक्सीनेशन की डबल डोज ले रखी है। सबने कोविड टेस्ट भी करवा रखा हैं। उन्हें यह मालूम नहीं था कि हिमाचल में मालवाहक वाहन से प्रवेश नहीं कर सकते। उन्हें बस से आगे का सफर करना पड़ रहा है। एसडीएम डॉ. निधि पटेल ने कहा कि ऊना के सभी जांच नाकों पर दूसरे राज्यों से आ रहे श्रद्धालुओं तथा यात्रियों की ई-पास जांच के बाद ही उन्हें हिमाचल में एंट्री दी जा रही है। उन्होंने कहा कि मालवाहक वाहनों के माध्यम से हिमाचल में प्रवेश पूरी तरह से वर्जित किया गया है।