ऊना। नगर निगम ऊना के सफाई कर्मचारियों ने दो माह से लंबित वेतन के विरोध में सोमवार को सफाई कार्य रोक दिया। सुबह ही कर्मचारी महर्षि वाल्मीकि एवं गुरु रविदास यूथ एकता महासभा के बैनर तले नगर निगम कार्यालय के बाहर जमा हो गए और रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान सफाई कर्मियों ने बाल स्कूल ऊना से लेकर एमसी पार्क तक रोष रैली भी निकली।
कर्मियों के प्रदर्शन के कारण पूरे शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई। दुकानों और घरों के बाहर जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए और डोर टू डोर गार्बेज कलेक्शन सेवा भी ठप रही। इससे आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। हालांकि नगर निगम प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि एक मई तक वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा। इसके बाद कर्मी दोपहर बाद काम पर लौटे और शहर में सफाई कार्य शुरू किया।
महासभा के अध्यक्ष अमित वाल्मीकि ने बताया कि नगर निगम के ठेकेदार के अधीन कार्यरत कुल 83 सफाई कर्मचारियों को पिछले दो महीनों से वेतन नहीं मिला है। कर्मचारियों को 22-22 तारीख तक भी वेतन का इंतजार करना पड़ता है। इससे सफाई कर्मियों को घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। पूर्व में भी अधिकारियों को इस मुद्दे को लेकर कई बार मांग पत्र भी सौंपे जा चुके हैं। मगर समस्या का समाधान नहीं हो सका।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में भी करीब 33 सफाई कर्मियों को वेतन नहीं मिला है। कर्मचारियों का एरियर और अन्य भुगतान भी अटका हुआ है। प्रदर्शन के दौरान सफाई कर्मचारियों ने नगर निगम प्रबंधन से ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई करने और समय पर वेतन जारी करवाने की मांग उठाई। कर्मचारियों ने कहा कि यदि समय रहते वेतन नहीं मिला तो भविष्य में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
प्रदर्शन के बाद नगर निगम प्रबंधन की ओर से सफाई कर्मचारियों को आश्वासन दिया गया कि एक मई तक सभी लंबित वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा। इसके बाद सफाई कर्मचारियों ने दोपहर बाद काम पर वापसी की और शहर में सफाई कार्य शुरू किया। हालांकि सुबह के समय कचरे के ढेर और गंदगी के कारण शहरवासियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
ठेकेदार को एक मई तक सभी सफाई कर्मचारियों का वेतन जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही इस समस्या का निपटारा हो जाएगा। -महेंद्र पाल गुर्जर, आयुक्त, नगर निगम ऊना
ऊना शहर में सफाई न होने से दुकानों के बाद फैला कचरा -संवाद
ऊना शहर में सफाई न होने से दुकानों के बाद फैला कचरा -संवाद