आईएसबीटी ऊना में यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से उठाया कदम
बैरिकेडिंग लगाकर बसों के आने-जाने की अलग से की गई व्यवस्था
बीते दिनों बस अड्डे पर हादसा होने के बाद हरकत में आया प्रबंधन
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले के प्रमुख आईएसबीटी बस अड्डे पर सुरक्षा के लिहाज से अड्डा प्रबंधन ने नए नियम लागू कर दिए हैं। अब कोई भी बस अड्डे के प्रवेश द्वार पर सवारियों को नहीं उतार सकेगी। इसके अलावा बस स्टैंड की पार्किंग के अलावा अन्य स्थानों पर वाहन ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके लिए अड्डा प्रबंधन ने बैरिकेडिंग कर दी है। अड्डा प्रबंधन ने यह निर्णय बीते दिनों अड्डे पर एक महिला की बस की चपेट में आने से हुई दुखद मौत के बाद लिया है।
बस अड्डा ऊना में 24 घंटे बसों और अन्य वाहनों की आवाजाही होती है। ऐसे में रोजाना हजारों यात्री बस स्टैंड पर आते हैं। अड्डा प्रबंधन ने यह निर्णय लिया है कि बस स्टैंड के प्रवेश द्वार पर कोई भी बस में सवारियां चढ़ाएगा और उतारेगा नहीं। बस स्टैंड के अंदर ही सवारियों को चढ़ाने व उतारने की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा बस स्टैंड में प्रवेश के दौरान बस की स्पीड भी कम रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बस स्टैंड में आने वाली सवारियों को अनहोनी से बचाया जा सके।
पूर्व में बस अड्डे पर कई हादसे हो चुके है। इससे लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। कुछ दिन पहले भी ऊना बस स्टैंड पर एक बुजुर्ग महिला पंजाब रोडवेज की बस की चपेट में आने से काल का ग्रास बनी। इसके बाद अड्डा प्रबंधन ने सख्ती करते हुए बस स्टैंड पर बैरिकेडिंग कर दी है। इससे बसों के आने-जाने के लिए अलग से लाइन बना दी गई है। बता दें कि हादसों को रोकने व सुरक्षा की दृष्टि से इस कदम को उठाया गया है। इसे लेकर सभी बस संचालकों को भी दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। दूसरी तरफ बस स्टैंड पर बनी पार्किंग में लोगों को अपने निजी वाहन खड़े करने के निर्देश दिए हैं। प्रबंधन ने साफ किया है कि अनदेखी पर नियम अनुसार कार्रवाई भी की जाएगी।
कोट्स
सुरक्षा के लिहाज से बस अड्डा प्रबंधन ने अड्डा परिसर में बैरिकेडिंग की है। साथ ही निजी वाहनों को केवल पार्किंग में खड़ा करने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों और बस संचालकाें से आग्रह है कि नियमों का पालन जरूर करें।
प्रवेश शर्मा, प्रबंधक एमआरसी ग्रुप ऊना