लोगों को अभी भी पुराने दामों पर ही मिल रहीं कई चीजे
दुकानों पर पुरानी दरों तथा नई संशोधित दरों की सूची उपलब्ध नहीं
एसडी शर्मा
मैहतपुर ( ऊना)। केंद्र सरकार की ओर से जीएसटी में की गई कटौती से आम लोगों को भले ही राहत मिली है, लेकिन नई दरों को लेकर जागरूकता की कमी अभी भी बनी हुई है। दूसरी ओर कंपनियां और व्यापारी संशोधित दरों को लागू करने में देरी कर रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को यह समझने में कठिनाई हो रही है कि पुरानी और नई दरों में कितना अंतर है और उन्हें वास्तविक लाभ कितना मिल रहा है। किराना सामान से लेकर कॉस्मेटिक और अन्य जरूरी वस्तुओं पर जीएसटी कटौती से 20 से 25 रुपये तक का फायदा हो रहा है। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक सामान पर दरें घटने से मोबाइल आदि की खरीद पर दो से ढाई हजार रुपये तक का लाभ मिलने का अनुमान है। इस संदर्भ में लोगों ने अपने विचार कुछ इस प्रकार साझा किए।
जीएसटी की नई दरों से काफी राहत मिली है। रोजमर्रा की चीज़ों में दाम घटे हैं। हालांकि तेल, आटा, चावल पर पुरानी दरें ही लागू हैं, लेकिन शैंपू, हेयर ऑयल, नहाने व कपड़े धोने का साबुन जैसी वस्तुओं पर कमी आई है। -शकुंतला कंवर, पूर्व प्रधान, दुलैहड़
जीएसटी कटौती से जरूरी वस्तुओं के दाम कम हुए हैं, लेकिन इसका लाभ आम लोगों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती है। कई व्यापारी अभी भी पुराने दामों पर सामान बेच रहे हैं। दुकानों पर पुरानी और संशोधित दरों की सूची सार्वजनिक होनी चाहिए, ताकि उपभोक्ता जागरूक हो सकें और अपना लाभ समझ सकें। -ईं. कृष्ण कुमार सूद
दरअसल 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत की गई दरों से उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। राज्यों की सरकारों को भी जागरूकता अभियान में भागीदारी करनी चाहिए, ताकि लोग कम हुई जीएसटी दरों का अधिकतम लाभ उठा सकें। -देवी सिंह, प्रांत प्रचार प्रमुख, हिमाचल शिक्षा समिति
किराना के सामान जैसे साबुन, शैंपू, हेयर ऑयल, बिस्किट आदि में 15 से 25 रुपये तक का फायदा हुआ है। हालांकि तेल, चावल, आटा जैसी आवश्यक वस्तुओं पर अभी भी पुरानी दरें ही लागू हैं। कुछ वस्तुओं पर जीएसटी की दरें अब भी 18 प्रतिशत हैं। -सचित कुमार, किराना व्यापारी