हिंदू त्योहारों पर हर वर्ष बढ़ जाती हैं आवश्यक वस्तुओं की कीमतें
लोगों ने कहा, जिला प्रशासन उठाए उचित कदम
संवाद न्यूज एजेंसी
मैहतपुर (ऊना)। संतान की सुख समृद्धि और खुशहाली के लिए रखे जाने वाले अहोई अष्टमी व्रत पर पूजा में शामिल मूली के दाम अचानक बढ़ गए। लोगों को सब्जी विक्रेताओं के पास मूली मिली ही नहीं, किसी के पास मिली भी तो 80 रुपये प्रति किलो के दाम पर मिली। मूली और गन्ने को इस व्रत में पूजा के समय विशेष रूप से शामिल किया जाता है। शायद यही कारण है कि मूली के दामों में इतना उछाल देखा गया। एक सब्जी विक्रेता ने बताया कि मंडी में मूली के भाव 70 से 75 पर प्रति किलो रहे, जिसके चलते परचून में मूली 80 रुपये प्रति किलो तक बिकी है। मूली के दामों में इस कद्र आए उछाल को देखकर हर कोई अचंभित नजर आया। अभी तक अहोई अष्टमी व्रत पर मूली के दामों में इतना बड़ा उछाल कभी नहीं देखा गया।
सब्जी विक्रेता सुरेश कुमार ने बताया कि इस बार करवा चौथ व्रत पर गोभी के दाम 80 से 100 रुपये प्रति किलो तक रहे, जबकि अहोई व्रत पर मूली पहली बार 80 रुपये प्रति किलो तक बिकी है। उधर, जिला परिषद सदस्य पंकज सहोड, भाजपा नेता सुमित शर्मा, ट्रक यूनियन मैहतपुर के प्रधान शिव कुमार ने कहा कि हिंदुओं के पवित्र त्योहारों पर जरूरी वस्तुओं के दाम अचानक उछाल पर आ जाते हैं। बड़े-बड़े स्टॉकिस्ट जरूरी चीजों को स्टॉक करके हिंदुओं के पर्वों पर महंगे दामों पर बेचने का कारोबार चल रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार कोई सख्त कार्रवाई क्यों नहीं करती।
मैहतपुर बसदेहड़ा व्यापार मंडल के प्रधान सुभाष ऐरी नोनू ने कहा कि जिला प्रशासन को इस बाबत गंभीरता से कदम उठाने चाहिए कि हिंदू त्योहारों पर अचानक आवश्यक वस्तुओं के दाम क्यों बढ़ जाते हैं। मूली ही नहीं नारियल, गन्ने तथा अन्य वस्तुएं जिनका पूजा में विशेष महत्व है, उनकी कीमतें अचानक बढ़ा दी जाती हैं।
कांग्रेस पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष रविंद्र सहोड़ ने कहा कि निश्चित रूप से यह चिंता का विषय है कि हिंदू त्योहारों पर अचानक छोटी-छोटी उन वस्तुओं के दाम आसमान छूने लगते हैं जिनको पूजा अर्चना में आवश्यक का रूप से शामिल किया जाता है। कहा कि वे स्वयं सरकार से मांग करते हैं कि इस दिशा में गंभीर कदम उठाने की आवश्यकता है।
ग्राम पंचायत चताड़ा की पूर्व प्रधान मीना शर्मा ने कहा कि हर वर्ष यह परंपरा सी बन गई है कि जब भी हिंदू त्योहार आते हैं तो उनसे संबंधित वस्तुओं के दामों में उछाल आ जाते हैं। इससे निर्धन परिवारों पर इसका प्रतिकूल असर पड़ता है। इस वर्ष तो मूली ने गृहिणियों के पसीने छुड़ा दिए हैं। अमूमन 15 से 20 रुपये प्रति किलो बिकने वाली मूली 80 रुपये प्रति किलो तक बिकी है।