ऊना। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान देहलां में बुधवार को वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह हुआ। जिसकी अध्यक्षता छठे राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने की। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति बच्चों को मानसिक तनाव से बाहर निकालने में भी मददगार बनेगी।
कार्यक्रम में सतपाल सिंह सत्ती ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाली चार एसएमसी जीपीसीएस समूरकलां, जीएमएस भटोली, जीएचएस रायपुर सहोड़ां, रावमापा बसाल को सम्मानित किया। उन्होंने पिछले तीन वर्षों में डीएलएड में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया। इनमें अंजलि कौंडल, रश्मि, शिवानी रैहल, परिधि शर्मा, मनीषा देवी, शीतल कौंडल, काजल भरमौता, रोहित भट्ट, अरुणा कुमारी शामिल हैं। सर्वश्रेष्ठ छात्र का खिताब प्रभात, नवीत, रोहित भट्ट को मिला है।
कार्यक्रम में शिक्षा विषय पर सामुदायिक जागरूकता शिविर भी आयोजित किया गया। शिविर में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) एक्ट 2009, एसएमसी के कार्य एवं शक्तियों की जानकारी दी गई कि वह कैसे स्कूल की गुणात्मक शिक्षा के लिए उचित वातावरण बनाने में स्कूल प्रशासन का सहयोग कर सकते हैं। इससे पूर्व नई शिक्षा नीति-2020 पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जिला के विभिन्न स्कूलों से आएं मुख्य अध्यापकों व प्रधानाचार्यों के पांच समूहों ने चार बिंदुओं पर अपने सुझाव रखे।
प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिए बाल नगरी प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें पाठन सामग्री, खेल सामग्री को भी दर्शाया गया। इस मौके पर सतपाल सिंह सत्ती ने डाईट देहलां परिसर में सेब का पौधा भी रोपित किया और लगभग 400 सेब के पौधे वितरित भी किए। इससे पूर्व डाईट के प्रधानाचार्य देवेंद्र चौहान ने 2020-21 वार्षिक रिपोर्ट बारे भी अवगत करवाया। इस अवसर पर जिप अध्यक्ष नीलम कुमारी, उपनिदेशक उच्च शिक्षा जनक सिंह, उपनिदेशक प्रारंभिक देवेंद्र चंदेल, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जिला समन्वयक विवेक दत्त, जिला समन्वयक सामुदायिक संचालन समग्र शिक्षा मनीष पटियाल व अन्य मौजूद रहे।