हिमाचल-पंजाब सीमा पर मैहतपुर बैरियर में ई-पास व अन्य रिपोर्ट को चेक करवाते लोग।
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मैहतपुर (ऊना)। हिमाचल-पंजाब की सीमा पर लगाए जांच नाके पर सोमवार को कई वाहन सवार यात्री बिना ई-पास और बिना डोज के ही मैहतपुर बॉर्डर पहुंचे। वे किसी भी तरह से हिमाचल में दाखिल होने का प्रयास करते देखे गए। इनमें से कई यात्रियों को जांच नाके पर तैनात कर्मचारियों ने पंजाब से रैपिड टेस्ट रिपोर्ट लाने को कहा और लौटा दिया।
सोमवार को मैहतपुर बॉर्डर पर पहुंच रहे बाहरी राज्यों के कई पर्यटकों तथा श्रद्धालुओं ने जांच नाकों पर तैनात पुलिसकर्मियों ने पूरी जांच पड़ताल के बाद ही हिमाचल में एंट्री दी। अमर उजाला टीम ने सोमवार को हिमाचल बॉर्डर पर आए पंजाब के कई श्रद्धालुओं से बातचीत की इससे पता चला कि उन्होंने एक डोज ही लगवाई है तो किसी ने एक भी व्यक्ति वेक्सिनेशन की एक डोज भी अभी तक नहीं ली है। इसके चलते उन्हें हिमाचल में प्रवेश लेने में दिक्कत पेश आ रही है।
हरियाणा नंबर की गाड़ी में दिल्ली से आए 4 यात्रियों में से 2 ने वैक्सीनेशन की डबल डोज ले रखी थी। जबकि दो यात्री बिना वैक्सीनेशन की डोज के ही कांगड़ा जाने को प्रवेश के लिए जद्दोजहद करते दिखे। कर्मचारियों ने गाड़ी को वापस भेज दिया। कुछ देर बाद वही लोग वह लोग फिर वापस आए, लेकिन मुस्तैद शिक्षकों ने उन्हें वापस भेज दिया। सोमवार को हिमाचल प्रदेश में आने वाले बहुत से यात्री तो बिना ई-पास के ही पहुंचे। मैहतपुर बॉर्डर पर पहुंचने पर उन्हें अपने मोबाइल से ई-पास बनाने के बाद एंट्री दी गई।
कई श्रद्धालुओं के पास ई-पास तो कई लोगों के पास वैक्सीनेशन का प्रमाण पत्र नहीं था। सोमवार को कांगड़ा के ज्वालामुखी मंदिर, ऊना के चिंतपूर्णी पीर निगहा डेरा बाबा बड़भाग सिंह तथा कई लोग धर्मशाला मैकलोडगंज आदि को आ रहे थे। अमर उजाला टीम ने सोमवार को सरहदी जांच नाके पर देखा कि शाम छह बजे तक काफी वाहन हिमाचल में प्रवेश हुए। पंजाब से आने वाले श्रद्धालु डेरा बाबा बड़भाग सिंह के माथा टेकने के लिए हिमाचल बॉर्डर पर तैनात शिक्षकों तथा पुलिसकर्मियों को अन्य राज्यों से आ रहे वाहनों की जांच पड़ताल के लिए पूरी तरह से मुस्तैद देखा गया।