डेरा बाबा रुद्घा नंद नारी में धूने की परिक्रमा करते सुग्रीवानंद महाराज
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नारी (ऊना)। डेरा बाबा रुद्रानंद आश्रम में पंच भीष्म महायज्ञ 11 से 19 नवंबर तक आयोजित किया जा रहा है। शनिवार को श्रीश्री 1008 महाराज ने यज्ञशाला में अग्नि स्थापना की गई।
अग्नि स्थापना के लिए अरणी मंथन किया गया। रूई को घर्षण की मदद से आग लगाई गई और उसी अग्नि से यज्ञ की शुरूआत हुई। महायज्ञ के लिए 501 विद्वानों पाठ कर रहे हैं। आश्रम के बाहर पंडाल में हरिद्वार के अवधेशानंद महाराज ने श्रीमद्भागवत का अमृत पान कराया। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण लीलाओं का व्याख्यान किया। उन्होंने भजन गाकर ऐसा समां बांधा कि भक्तजन झूमने पर विवश हो गए।
डेरा बाबा रुद्रानंद आश्रम में 150 साल से अधिक समय से यज्ञ किया जा रहा है। साल 1850 में पहली बार यहां यज्ञ का आयोजन किया गया। 1864 में लंगर की शुरूआत की गई जो आज भी जारी है। मान्यता है कि इस आश्रम में 5 महात्माओं ने समाधि ली थी। उसी स्थान पर आज पांच पीपल हैं। भक्तों का विश्वास है कि इन पीपलों की फेरी लेने से सांप के डंस का इलाज होता है। आश्रम में संस्कृत महाविद्यालय भी है। इसमें 60 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं।
डेरा बाबा रुद्घा नंद नारी में सुग्रीवानंद महाराज के दर्शन करते हुए भक्त- फोटो : Una