बड़ूही (ऊना)। ग्राम पंचायत बेहड़ जस्वां के चक्क गांव में सार्वजनिक चरागाह भूमि पर खेल मैदान बनाने के प्रस्ताव का ग्रामीणों ने विरोध किया है। वार्ड चार और पांच के ग्रामीणों ने बुधवार को एसडीएम अंब पारस अग्रवाल के माध्यम से जिला प्रशासन को ज्ञापन भेजकर चरागाह भूमि को किसी भी गैर चरागाह कार्य के लिए आवंटित न करने की मांग की। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि प्रभावित लोगों की लिखित सहमति और जनसुनवाई के बिना इस भूमि को लेकर किसी प्रकार की एनओसी या स्वीकृति जारी न की जाए।
ग्रामीणों के अनुसार खसरा नंबर 1448, रकबा 2-58-41 और खसरा नंबर 1885, रकबा 07-55-12 राजस्व रिकॉर्ड में सार्वजनिक चरागाह के रूप में दर्ज हैं। वार्ड चार और पांच के ग्रामीण लंबे समय से इन भूमि का इस्तेमाल पशुओं को चराने के लिए करते आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के कई परिवार कृषि और पशुपालन पर निर्भर हैं, ऐसे में चरागाह भूमि उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ग्रामीण संजीव चौधरी, दर्शन सिंह, शिवनारायण और शोभा देवी ने बताया कि भविष्य में ग्रामीणों और पशुपालकों को परेशानी न हो इसके लिए उनके पूर्वजों ने अपनी निजी भूमि से हिस्सा निकालकर चरागाह के रूप में सुरक्षित रखा था। यदि चरागाह की भूमि खेल मैदान के लिए दे दी गई तो पशुओं के चरने के लिए उपलब्ध स्थान और कम हो जाएगा। इससे किसानों और पशुपालकों के सामने आने वाले समय में चारे की गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है। उन्होंने बताया कि इससे पहले चरागाह की कुछ भूमि नर्सरी स्थापित करने के लिए दी गई थी। उस समय इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाना था। ग्रामीणों का दावा है कि वर्तमान में इस भूमि का इस्तेमाल उद्योग स्थापित करने के लिए किए जाने की बात भी सामने आ रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर सार्वजनिक चरागाह भूमि को पूर्व की तरह सुरक्षित रखने की गुहार लगाई है।