प्रसिद्ध शक्तिपीठ चिंतपूर्णी के गर्भ गृह की मोबाइल से फोटो अब केवल मंदिर का वही पुजारी खींच सकेगा, जिसकी मंदिर में गर्भ गृह के अंदर ड्यूटी होगी। ड्यूटी वाले दिन गर्भ गृह के अंदर बैठे पुजारी को ही सुबह और शाम के समय आरती के दौरान माता की पिंडी की फोटो को खींचने की अनुमति होगी, जिसे वे अपने अन्य पुजारी साथियों को मोबाइल से फॉरवर्ड कर सकता है। इसके लिए उसे बाकायदा पहले अपना नाम भी रजिस्टर में लिखवाना होगा।
यह फैसला एसडीएम अंब सुनील वर्मा ने चिंतपूर्णी में मंदिर के पुजारियों के साथ हुई बैठक के दौरान लिया। गौरतलब है कि बीते दिनों एक पुजारी की ओर से जेब में प्रसाद डालने के वीडियो के वायरल होने के बाद डीसी ने कड़े निर्देश दिए थे, जिससे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो। एसडीएम सुनील वर्मा ने सोमवार को मंदिर कार्यालय में सभी पुजारियों को बुलाकर कुछ अहम मुद्दों पर चर्चा की और पुजारियों के सुझाव भी मांगे। इसमें मंदिर के गर्भ गृह की किसी भी श्रद्धालु द्वारा मोबाइल से फोटो खींचने और वीडियोग्राफी करने पर प्रतिबंध लगाने की बात की गई। साथ ही मंदिर के कैंपस में किसी भी तरह से फोटो और वीडियोग्राफी पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।
इसके अलावा पुजारी गर्भ गृह के अंदर मोबाइल फोन बजने पर अपना फोन भी सुन सकेंगे। उधर, पुजारियों ने एसडीएम अंब से मांग की कि जो देसी घी के दौ सौ ग्राम और आधा किलो के डिब्बे मां के दरबार में चढ़ते हैं, वे उन्हें माता की जोत जगाने के लिए दिए जाएं। इसके अलावा बड़े चढ़ने वाले डिब्बे मंदिर न्यास अपने पास रखे। उधर, एसडीएम अंब सुनील वर्मा ने बताया कि पुजारियों के साथ बैठक कर कुछ मुद्दों पर चर्चा की गई है और सुझाव भी लिए गए हैं। इस मौके पर मंदिर अधिकारी सुभाष चौहान, छपरोह पंचायत के प्रधान एवं मंदिर ट्रस्टी नरेंद्र कालिया, नारी पंचायत प्रधान विजय ठाकुर, ट्रस्टी राकेश समनोल, पुजारी बारीदार सभा के प्रधान रविंद्र छिंदा, अन्य पुजारियों में केवल कालिया, दीपक कालिया, जनक कालिया, गौतम कालिया, विशाल कालिया, सतीश कालिया, विनोद कालिया आदि मौजूद रहे।