फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अनजान कॉल अटेंड करने से बचें लोग

Mon, 17 Oct 2016 10:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ऊना
विज्ञापन
फोन
विज्ञापन
सूचना क्रांति के इस दौर में इंटरनेट और मोबाइल ने जहां लोगों को आरामपरस्त बना दिया है वहीं, हैकर इस तकनीक का गलत इस्तेमाल कर साइबर अपराध को बढ़ावा दे रहे हैं। इसके झांसे में आम लोग फंस रहे हैं। साइबर क्राइम की जानकारी के अभाव में आम जनता ठगी का शिकार हो रही है। इसको देखते हुए प्रदेश पुलिस ने सोमवार से 22 अक्तूबर तक उन्नत कंप्यूटिंग विकास केंद्र की मदद से साइबर सुरक्षा जागरूकता सप्ताह का आयोजन शुरू किया है।
विज्ञापन


इसके तहत जिला पुलिस द्वारा आम जनता और स्कूल-कॉलेज छात्रों को साइबर क्राइम के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है। एसपी अनुपम शर्मा ने कहा कि लोगों से अनुरोध किया जा रहा है कि 92, 90, 09 या 344 के शुरुआती नंबरों वाले फोन नंबर की अंजान कॉल अटेंड न करें। वहीं, कॉल बैक करने की स्थिति में सिम क्लोन की जा सकती है एवं कॉल से धोखे से भरा लालच दिया जा सकता है। इसके अलावा फेसबुक आदि सोशल साइट्स पर अच्छी तरह जान-पहचान होने पर ही फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करें। किसी को भी अपना पासवर्ड या एटीएम कार्ड का पिन न बताएं।

हमेशा सुरक्षित वाई-फाई का इस्तेमाल करें। क्रेडिट और डेबिट कार्ड की धोखाधड़ी से बचने के लिए कार्ड के विवरण ई-मेल या फोन पर शेयर न करें। अन्यथा इनका दुरुपयोग हो सकता है। वहीं, उन्होंने कहा कि कभी भी ऋण स्वीकृति के लिए भेजे गए अटैचड फर्जी प्रमाण पत्र वाले ई-मेल पर विश्वास न करें। कम ब्याज दर पर लोन की पेशकश करने वाली वित्तीय कंपनियों के ई-मेल विज्ञापनों पर कभी भी विश्वास न करें। हमेशा ईमेल आईडी की जांच करें और स्पैम ई-मेल को जांचे बिना कोई जवाब न दें। जाली नौकरी और साक्षात्कार वाले धोखाधड़ी वालेे ई-मेल से भी सचेत रहें। सोमवार को इस जागरूकता अभियान के अंतर्गत उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय द्वारा उन्नत कंप्यूटिंग विकास केंद्र मोहाली के प्रतिनिधि सहित पीजी कॉलेज ऊना में छात्रों को साइबर क्राइम के संबंध में जानकारी दी गई, जिसमें डीएसपी कुलविंद्र सिंह विशेष तौर पर मौजूद रहे। इस अवसर पर साइबर क्राइम से संबंधित प्रचार पुस्तिकाएं भी आवंटित की गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें