प्रतिदिन सुबह हाजिरी न लगाने वाले स्कूलों को डिफाल्टर घोषित करने की चेतावनी
विभाग ने कहा, हाजिरी में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
सख्ती के साथ निर्देशों का पालन करें स्कूल, कहा- हाजिरी पर निदेशालय की पैनी नजर
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। शिक्षा निदेशालय के निर्देशों के बावजूद सरकारी स्कूलों में शत-प्रतिशत ऑनलाइन हाजिरी नहीं लग रही। इसमें ऊना जिला के कुछ सरकारी स्कूल भी शामिल है। विभाग के अनुसार कुछ स्कूलों के नाम हाजिरी के ऑनलाइन पोर्टल पर डिफाल्टर सूची में शामिल हैं। ऐसे स्कूलों को विभाग ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि प्रतिदिन सुबह 10 बजे से पहले ऑनलाइन हाजिरी की प्रक्रिया पूरी की जाए। यह आदेश जिला के सभी वरिष्ठ माध्यमिक, उच्च और माध्यमिक स्कूलों को दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार सरकारी स्कूलों में अध्यापकों को अपनी, स्टाफ और बच्चों की हाजिरी ऑनलाइन स्विफ्ट चैट एप पर लगानी होती है। इसके लिए स्मार्ट उपस्थिति लाइव का नाम भी दिया गया है। यह हाजिरी अध्यापक मोबाइल फोन या टैबलेट के माध्यम से लगा सकते हैं। हाजिरी कैसे लगानी है, इसके लिए कई बार सभी स्कूलों के प्रतिनिधि अध्यापकों को जानकारी प्रदान की गई। इसके अलावा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर इससे जुड़े दिशा-निर्देश हैं और साथ में एप डाउनलोड करने के लिए क्यूआर कोड भी दिया गया है। इसके बावजूद कुछ स्कूलों में ऑनलाइन हाजिरी को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को आदेश दिए हैं कि हाजिरी से जुड़ी व्यवस्था का सख्ती से पालन हो। इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने कहा कि अगर भविष्य में स्कूलों की ओर से लापरवाही जारी रहती है तो सख्त कार्रवाई के साथ उनकी सूची को सार्वजनिक किया जाएगा। जिसके लिए स्कूल प्रबंधक या अन्य जिम्मेदार पदाधिकारी जवाबदेह होगा।
कोट्स
सभी स्कूलों के लिए ऑनलाइन हाजिरी लगाना अनिवार्य है। लेकिन, कुछ स्कूलों में इस व्यवस्था को हल्के में लिया जा रहा है। शिक्षा निदेशालय में उच्च अधिकारी ऑनलाइन हाजिरी का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। सभी संस्थान इसे गंभीरता से लेकर नियमित प्रक्रिया बना लें।
अनिल कुमार, उपनिदेशक, जिला उच्च शिक्षा विभाग