क्षेत्र के गांव चताड़ा में सांड के हमले से एक व्यक्ति बुरी तरह लहूलुहान हो गया। गंभीर रूप से घायल को उपचार के लिए ऊना अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जानकारी के मुताबिक चताड़ा निवासी दविंद्र (31) अपने घर के समीप जा रहा था कि अचानक उस पर सांड ने हमला कर दिया। सांड के हमले से दविंद्र बुरी तरह लहूलुहान हो गया। उसके चिल्लाने पर स्थानीय लोग एकत्रित हो गए और लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे सांड के चंगुल से छुड़ाया।
गंभीर हालत में दविंद्र को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में भर्ती करवाया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। सीएमओ ऊना डॉ. प्रकाश दड़ोच ने बताया कि पीड़ित व्यक्ति को अस्पताल में उपचार दिया जा रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले भी चताड़ा गांव में कई लोग सांड के हमलों से घायल हो चुके हैं। जबकि, बहडाला में एक व्यक्ति की जान तक चली गई है। चताड़ा गांव के ग्रामीण सुनील, करण, विजय, पंकज, रवि, राज, सोहन, पंकज, दविंद्र, यशपाल सहित अन्य लोगों ने कहा कि चताड़ा गांव में सांड अपना डेरा जमाए हुए हैं।
करीब आधा दर्जन सांड शिव मंदिर के नजदीक ही घूमते रहते हैं, जो आने-जाने वाले लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। स्कूली बच्चों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चे स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि लावारिस पशुओं पर शिकंजा कसने के लिए उचित कार्रवाई अमल में लाई जाए।