संवाद न्यूज एजेंसी
नारी (ऊना)। जिला के ग्रामीण क्षेत्रों के एचपीसीएल और बीपीसीएल के अधिकतर पंपों पर चौथे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा। ग्रामीण क्षेत्रों के कुछ पेट्रोल पंपों में टैंकर शुक्रवार देर रात पहुंचने की सूचना है।
हालांकि अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में एचपीसीएल व बीपीसीएल के पेट्रोल व डीजल नहीं मिल पा रहा है। इससे लोगों को मजबूरन शहरी क्षेत्रों का रुख करना पड़ रहा है। पेट्रोल पंपों पर आपूर्ति न आने के कारणों को भी पता नहीं चल पा रहा है। इससे डीलर भी परेशान हैं। बसाल क्षेत्र में मनोहर मार्केट में आईओसीएल का केवल एक पंप है, जहां उपभोक्ताओं की कतार लग रही है। इसी तरह अन्य जगहों में आईओसीएल पर ही उपभोक्ता निर्भर हैं। इस संबंध में जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक राजीव शर्मा ने बताया कि निदेशालय स्तर पर मॉनिटरिंग हो रही है। दो कपंनियों की दिक्कत चल रही हैं, जबकि आईओसीएल की आपूर्ति सामान्य है।
20 किलोमीटर तक लगाने पड़ रहे चक्कर
उपभोक्ता जतिंद्र ने कहा कि ट्रैक्टर में तेल डलवाने के लिए दूरदराज के क्षेत्र से आना पड़ रहा है। इससे धन और समय व्यर्थ ही जा रहा है। अब फसल का समय है। कृषि की मशीनरी के लिए डीजल की जरूरत पड़ती है। सरकार को चाहिए कि कंपनियों से बातचीत करके समस्या का हल निकाले।
अधिक तेल डलवाने से होगी किल्लत
ग्राहक प्रदीप कुमार का कहना है कि टक्का के एचपीसीएल पंप पर तेल उपलब्ध हुआ है। लोग अधिक तेल डलवाकर घरों को ले जा रहे हैं। इससे फिर दोबारा तेल की किल्लत हो जाएगी। सरकार को चाहिए कि समस्या का सही समाधान किया जाए।
जिले के किसान हो रहे परेशान
किसान जसमेर सिंह का कहना है की फसल की बिजाई का समय सिर पर है। बिजाई से पहले खेतों की जुताई करके घास-फूस एकत्र करके फसल बीजनी है। अब यदि पेट्रोल डीजल ढूंढने में ही समय को गंवाते रहे तो खेती
बाड़ी का काम कैसे होगा। इसका समाधान जल्द निकाला जाना चाहिए।
डीजल पर रहती है खेती-बाड़ी निर्भर
युवक बलवंत कुमार ने कहा कि किसान और खेती बाड़ी करने वाले डीजल पर ही निर्भर हैं। आसपास डीजल न मिलेगा तो शहरों का रुख करने पड़ेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में ही यह समस्या अधिक पेश आ रही है। सरकार समय रहते ही इसका समाधान निकाले।