ऊना। वीरवार दोपहर करीब 12:00 बजे के बाद बचत भवन ऊना में इक्का-दुक्का लोग जमा हैं। ऊना में आठ शराब यूनिट के तहत आने वाली 143 खुदरा शराब की दुकानों की वर्ष 2024-25 की बचत भवन ऊना में हुई बोली प्रक्रिया के लिए आवेदन पेट्टियों को रखा गया है। बचत भवन में विभागीय अधिकारियों के अलावा कोई बोलीदाता यहां दिखाई नहीं दे रहा। यहां राज्य कर एवं आबकारी विभाग ऊना के उपायुक्त विनोद सिंह डोगरा मौजूद हैं। प्रक्रिया में बोलीदाता आवेदनकर्ताओं के साथ-साथ उन्हें बोली प्रक्रिया के पीठासीन अधिकारी उपायुक्त का ऊना भी इंतजार है। कुछ शराब विक्रेता बोलीदाता यहां पहुंचते हैं और आकर चले जाते हैं।
दोपहर एक बजे के बाद भोजन अवकाश हुआ तो 03:00 बजे के बाद उपायुक्त जतिन लाल प्रक्रिया में बतौर पीठासीन अधिकारी पहुंचते हैं। चंद बोलीदाताओं की मौजूदगी में विभागीय अधिकारी टेंडर प्रक्रिया एवं आवंटन के संबंध में नियम एवं शर्ते पढ़ते हैं। 4:00 बजे तक हर शराब यूनिट की रिजर्व प्राइज एवं इसके अंतर्गत आने वाले शराब ठेकों के बारे में स्पष्ट बताया जाता है। हर यूनिट में बोली एवं आवेदन के लिए पांच-पांच मिनट का समय दिया गया। ऊना यूनिट के लिए 23.95 करोड़ रुपये की राशि का रिजर्व प्राइज रखा गया, इस पर एक बोलीदाता ने 15 करोड़ रुपये बोल दिए, जिसे आमन्य माना गया और पहले आवेदन करने की सलाह विभागीय अधिकारियों ने दी, लेकिन कोई आवेदन न हुआ।
इसके बाद मैहतपुर यूनिट के लिए जैसे ही 15.95 करोड़ रुपये के रिजर्व प्राइज की घोषणा हुई तो बोलीदाता बाहर उठकर चले गए और वापस न आए। एक के बाद एक कर आठ यूनिट के रिजर्व प्राइज को बोला गया, लेकिन बाहर गए बोलीदाता वापस न लौटे। करीब 4:30 बजे उपायुक्त जतिन लाल ने घोषणा की कि यूनिट स्तर पर कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।
अब 4:45 बजे सभी यूनिट को क्लब कर 143.90 करोड़ रुपये की बोली आवेदन प्रक्रिया की घोषणा हुई। ठीक 05 बजे तक इस पर भी कोई बोलीदाता न पहुंचा और आवेदन के लिए लगाए गए क्लब यूनिट की आवेदन पेट्टी को उपायुक्त के समक्ष सीलबंद किया गया। उपायुक्त ने 5:25 बजे तक आवेदनकर्ताओं को बोली आवेदन के लिए समय दिया, लेकिन किसी भी बोलीदाता ने इस बीच आवेदन न किया और न बोली लगाई। इस पर उपायुक्त ने 5:25 बजे सभी यूनिट की बोली के लिए अगली तिथि जल्द घोषित करने की बात कहकर प्रक्रिया को संपन्न किया।
कुल मिलाकर यह प्रक्रिया सिरे नहीं चढ़ पाई। कुल सात घंटे की बोली आवेदन प्रक्रिया में आठ यूनिट एवं क्लब यूनिट के लिए आवेदनकर्ता की राह विभागीय अधिकारी ताकते रहे।