ऊना। क्षेत्र में 15 अक्तूबर से शुरू हुई धान खरीद धीमी गति से जारी है। जिला प्रशासन ने टाहलीवाल और टकारला में दो खरीद केंद्र खोले हैं। एफसीआई के माध्यम से खरीद प्रक्रिया चल रही है। पहले किसानों को धान बेचने से पहले एडवांस स्लॉट बुकिंग करवानी पड़ती थी।
अब खरीद केंद्र में मौके पर खरीद प्रक्रिया की जा रही है। इसकी वजह यह है कि अब दो से चार किसान ही धान लेकर खरीद केंद्र में पहुंच रहे हैं। कम आमद के चलते अब मौके पर ही फसल को खरीदा जा रहा है। मंगलवार को टाहलीवाल में करीब 70 क्विंटल धान की खरीद हुई। टकारला में 198 क्विंटल धान खरीदा गया है।
अब तक 891 किसानों से कुल 21 हजार 306 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। बीते मंगलवार को सरकार ने धान की खरीद की अंतिम तिथि 15 दिसंबर तक बढ़ा दी है। अब टकारला और टाहलीवाल में एडवांस बुकिंग के बिना धान खरीदी जा रही है। सभी औपचारिकताओं को मंडी में पूरा किया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि 15 दिसंबर तक 25 हजार क्विंटल से अधिक धान की खरीद हो जाएगी।
इससे पहले कृषि विभाग जिले में 50 हजार क्विंटल से अधिक धान की मंडी में आमद की उम्मीद जताई थी। हालांकि, बाद में कई किसानों के फसल बेचने के लिए जिले में बने दो खरीद केंद्रों की बजाय बाहरी मंडियों का भी रुख किया। कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) के सचिव भूपिंद्र सिंह ने बताया कि किसानों की फसल में मंडी में मौके पर खरीदी जा रही है। अब एडवांस स्लॉट बुकिंग की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है।
कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. अतुल डोगरा ने बताया कि जिले में कुल 2000 से 2500 तक किसान परिवार धान की खेती करते हैं। ऐसे में कुल 50 से 60 हजार क्विंटल तक धान की पैदावार रहने का अनुमान रहता है। इस बार कम मात्रा में धान मंडी पहुंचा है। बाकी बचे किसान जल्द से जल्द फसल लेकर मंडी पहुंचे।