ऊना। ऊंचाई अवरोधक लगाकर रामपुर बेली ब्रिज को बड़े वाहनों से बचाने की कवायद तो पूरी कर ली गई है लेकिन पुल पर आवाजाही शुरू करने का फैसला अभी अटक गया है। लोक निर्माण विभाग के मेकेनिकल विंग ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना निगरानी के पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू करना सुरक्षित नहीं है। विभाग ने जिला प्रशासन को लिखित पत्र भेजकर स्थिति स्पष्ट की है। इसमें कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति जबरन ऊंचाई अवरोधक तोड़ कर बड़े वाहन पुल से गुजारता है तो यह पुल के साथ-साथ वाहन में सवार लोगों के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है।
अब विभाग की नजर जिला प्रशासन के जवाब पर टिकी है। प्रशासन की ओर से निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्पष्ट निर्देश मिलने तक रामपुर बेली ब्रिज से वाहनों की आवाजाही पर रोक जारी रहेगी। ऐसे में पुल तैयार होने के बावजूद लोगों को इसके खुलने के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बेली ब्रिज की क्षमता को देखते हुए उस पर निर्धारित सीमा से अधिक ऊंचाई और भार वाले वाहनों की आवाजाही खतरनाक हो सकती है। इसी कारण पुल पर ऊंचाई अवरोधक लगाया गया है ताकि बड़े वाहनों को प्रवेश से रोका जा सके। मेकेनिकल विंग ने प्रशासन को यह भी स्पष्ट किया है कि केवल अवरोधक लगाना पर्याप्त नहीं है बल्कि इसकी निगरानी भी जरूरी है।
रामपुर बेली ब्रिज पर ऊंचाई अवरोधक को पहले भी अज्ञात लोग चार बार तोड़ चुके हैं। खास बात यह रही कि हर बार घटना रात के समय हुई। अवरोधक टूटने के बाद बड़े वाहनों के पुल पर पहुंचने की आशंका बनी रहती है। इसी पुराने अनुभव को देखते हुए विभाग अब पुल को बिना निगरानी के खोलने के पक्ष में नहीं है।
जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था स्पष्ट होने के बाद ही बेली ब्रिज पर आवाजाही बहाल करने को लेकर अगला निर्णय लिया जाएगा। तब तक बेली ब्रिज पर वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी।
- केएस ठाकुर, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग