फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चिंतपूर्णी में क्षणिक होंगे माता के दर्शन

विज्ञापन
मां चिंतपूर्णी
विज्ञापन
ऊना। चिंतपूर्णी में श्रावण अष्टमी नवरात्र मेले के दृष्टिगत प्रशासन ने कोविड-19 एसओपी जारी की है। मंदिर में श्रद्धालुओं को रुकने की इजाजत नहीं होगी। महज कुछ क्षणों में दर्शन करने के बाद उन्हें बाहर जाना होगा। श्रावण अष्टमी नवरात्र 9 से 16 अगस्त तक होंगे। श्रद्धालुओं को धर्मशाला में केवल 50 प्रतिशत क्षमता के साथ ही ठहरने की अनुमति रहेगी। मेले के दौरान मंदिर केवल रात्रि 11 बजे से 12 बजे तक सिर्फ एक घंटा दर्शन के लिए बंद रहेगा।
विज्ञापन

श्रद्धालुओं को दर्शन पर्ची लेने के साथ कोविड-19 की स्क्रीनिंग भी करवानी होगी। इसके अतिरिक्त भजन, कीर्तन, सत्संग, भागवत और अन्य धार्मिक आयोजनों पर मंदिर परिसर में प्रतिबंध रहेगा। मंदिर परिसर में भीड़ को देखते हुए मंदिर सहायक आयुक्त दर्शन पर्ची जारी करना रोक सकता है। एडीबी सदन को श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। भीड़ के दृष्टिगत चिंतपूर्णी क्षेत्र में अस्थायी दुकानें नहीं खुल सकेंगी और केवल सूखा प्रसाद ही चढ़ाया जा सकेगा। श्रद्धालुओं को मंदिर में बैठने, खड़े होने और इंतजार करने की अनुमति नहीं होगी।
श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में झंडा ले जाने की अनुमति नहीं होगी, केवल मंदिर अधिकारी चिन्हित स्थान पर ही झंडा चढ़ाया जा सकता है। चिकित्सीय परीक्षण के बाद केवल बिना लक्षणों वाले श्रद्धालु ही मंदिर परिसर में जा सकेंगे, जबकि कोविड जैसे लक्षणों वाले श्रद्धालुओं को अस्पताल में आइसोलेट किया जाएगा और उनकी कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही मंदिर के अंदर जाने की अनुमति होगी।
विज्ञापन

श्रद्धालु दर्शन के लिए न्यू बस स्टैंड, चिंतपूर्णी सदन और शंभू बैरियर पर पंजीकरण और मेडिकल स्क्रीनिंग के लिए संपर्क कर सकते हैं। जूतों को गाड़ी में ही उतारना होगा। श्रद्धालुओं को मां चिंतपूर्णी के दर्शानार्थ जाते समय पंक्ति में हर समय 6 फीट की सामाजिक दूरी बनाए रखनी होगी। आंगतुकों को मंदिर परिसर में प्रवेश करने से पूर्व हाथ और पैर साबुन से धोने होंगे। मंदिर के अंदर श्रद्धालुओं का मूर्तियों, धार्मिक किताबों, घंटियों को छूना वर्जित रहेगा।
भीड़ का इकट्ठा होना पूर्व की भांति वर्जित रहेगा। मंदिर में प्रसाद और पवित्र जल का वितरण भी नहीं होगा। बिना मास्क के मंदिर परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। दिव्यांगों व वरिष्ठ नागरिकों के लिए लिफ्ट का परिचालन किया जा सकता है और लिफ्ट के प्रत्येक प्रयोग के बाद सैनिटाइज किया जाएगा। दिशानिर्देशों के मुताबिक 60 साल से अधिक आयु के व्यक्तियों, गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं और 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों को अपने घरों में रहने की सलाह दी गई है। डीसी राघव शर्मा ने सभी से एसओपी का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया है।
बॉक्स
न बांटेंगे प्रसाद, न बंधेगी मौली
पुजारी श्रद्धालुओं को न तो प्रसाद वितरित करेंगे और न ही मौली बांधेंगे। उनके द्वारा किसी एक श्रद्धालु या श्रद्धालुओं के समूह के लिए पूजा अर्चना भी नहीं की जाएगी। कन्या पूजन और हवन आयोजन पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। गर्भगृह में एक समय पर केवल दो पुजारियों को ही बैठने की अनुमति रहेगी।
बॉक्स
चिंतपूर्णी सदन में पंजीकरण के लिए करें संपर्क
चिंतपूर्णी सदन में श्रद्धालु पंजीकरण के लिए संपर्क करेंगे, इसके लिए पंजीकरण और चिकित्सीय परीक्षण के लिए समुचित काउंटरों की व्यवस्था होगी। बीएमओ के साथ परामर्श करके आइसोलेशन कक्ष बनाया जाएगा तथा मुंडन संस्कार के लिए स्थान चिन्हित किया जाएगा। कोई भी दुकानदार दुकान से बाहर विक्रय सामाग्री नहीं रखेगा। उल्लंघन करने वाले की दुकान तीन दिन के लिए बंद कर दी जाएगी।
बॉक्स
दिन में तीन बार होगी सफाई
सफाई कर्मचारी निर्धारित वर्दी पहनेंगे। दिन में तीन बार क्षेत्र की सफाई करवाएगा। एकत्र किए गए कचरे का निपटारा किया जाएगा। हाथ-पैर धोने के क्षेत्रों, रेलिंग, दरवाजों की नॉब वगैरह की निर्धारित समय पर प्रभावी ढंग से कीटाणुनाशक रसायन के माध्यम से सैनिटाइजेशन सुनिश्चित करना होगा।
बॉक्स
शंभू बैरियर से गेट एक व दो होगी एंट्री
श्रद्धालु शंभू बैरियर की ओर से गेट नंबर 1 व 2 और मुख्य बाजार से आते हुए चिंतपूर्णी सदन से प्रवेश करेंगे। मंदिर अधिकारी चिंतपूर्णी सदन और शंभू बैरियर पर पंजीकरण व मेडिकल स्क्रीनिंग का व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। तीर्थ यात्री नए बस स्टैंड और चिंतपूर्णी सदन के समीप पार्किंग स्थानों का उपयोग कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें