मातृ-शिशु वार्ड नई इमारत में शिफ्ट होने से मिलेंगी सुविधाएं
क्रस्ना लैब का होगा विस्तारीकरण, धरातल पर आएगा डायलिसिस वार्ड
ऊना में मातृ-शिशु अस्पताल भवन बनकर हुआ तैयार
खाली जगह में सुविधाएं जुटाने की तैयारी कर रहा प्रबंधन
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में चल रहे मातृ-शिशु वार्ड और ओपीडी मातृ-शिशु अस्पताल के नए भवन में शिफ्ट होने पर कई सुविधाओं में इजाफा होगा। अस्पताल के साथ मातृ-शिशु अस्पताल भवन लगभग बनकर तैयार हो गया है। 30 जून 2022 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
वर्तमान में क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में चल रहे मातृ-शिशु वार्ड और ओपीडी को इस नए भवन में शिफ्ट किया जाएगा। इससे अस्पताल में काफी जगह खाली होगी। इस खाली जगह को सही तरीके से इस्तेमाल करने के लिए अस्पताल प्रबंधन रूपरेखा तैयार कर रहा है। डायलिसिस वार्ड को धरातल पर लाने की योजना है। इसी के साथ खाली जगह में क्रस्ना लैब को भी जगह दी जाएगी। जगह आवंटित होने पर क्रस्ना लैब का अस्पताल में विस्तारीकरण होगा। फिलहाल अस्पताल में केवल सैंपल एकत्रीकरण केंद्र ही क्रस्ना लैब चला पाई है। जगह उपलब्ध होने पर सारी मशीनरी यहां स्थापित होगी और मरीजों को निजी लैब के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अस्पताल परिसर में ही सस्ती दरों में टेस्ट होंगे।
उधर, इस संबंध में क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमन कुमार शर्मा ने बताया कि अस्पताल से मातृ-शिशु वार्ड और ओपीडी नए अस्पताल भवन में शिफ्ट होने से खाली जगह काफी मिलेगी। इस खाली जगह को मरीजों की सुविधा के लिए उपयोग में लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मरीजों और तीमारदारों के लिए बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
20 करोड़ से बन रहा 100 बेड वाला एमसीएच
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के साथ ही मातृ-शिशु अस्पताल (एमसीएच) भवन करीब 20 करोड़ रुपये से बन रहा है। इस अस्पताल में 100 बेड की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा कई आधुनिक सुविधाओं से अस्पताल लेस रहेगा। इस अस्पताल भवन के बनने से मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा होगा।