संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना/संतोषगढ़। जिले में शुक्रवार देर शाम हुई बारिश और तेज तूफान के कारण बिजली बोर्ड, किसानों, बागवानों को नुकसान हुआ है। इससे जिले के विभिन्न स्थानों में पूरी रात बिजली आपूर्ति बाधित रही। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से बिजली के तार टूटने से हादसों का भय रहा।
तेज अंधड़ से बिजली बोर्ड के ऊना मंडल को ही लगभग 5.30 लाख रुपये की क्षति झेलनी पड़ी है। वहीं, दर्जनों गांवों में लोगों को गर्मी के बीच रात जागकर निकालनी पड़ी। अंधड़ के चलते जिला भर में गुठलीदार फलों की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है।
तूफान ने सभी प्रकार के फलों आम, आड़ू, लीची, अमरूद आदि के छोटे फलों को पेड़ों से गिराकर खराब कर दिया। वहीं, कई स्थानों पर हरी सब्जियों की खेती को भी नुकसान पहुंचा है। शुक्रवार शाम को चले भयंकर तूफान से जिला मुख्यालय सहित हरोली, बंगाणा और अंब उपमंडलों के दर्जनों गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। एकाएक सड़कों पर वाहनों के पहिये जाम हो गए। हालांकि, तेज हवाओं से लोगों ने कुछ देर के लिए भीषण गर्मी से काफी राहत महसूस की।
संतोषगढ़-नूरपुर बेदी मुख्य मार्ग पर विद्युत बोर्ड का खंभा और बिजली के तार टूट गए। नगर के वार्ड तीन के कुछ हिस्से में शुक्रवार शाम से लेकर शनिवार दोपहर तक विद्युत आपूर्ति ठप रही। वहीं, विद्युत कर्मियों ने मामले की सूचना मिलते ही टूटे खंभे की जगह शनिवार को नया खंभा लगा कर विद्युत आपूर्ति बहाल की।
उधर, बिजली बोर्ड ऊना मंडल के अधिशाषी अभियंता खुशविंद्र सिंह का कहना है कि शुक्रवार शाम को चली तेज आंधी और बारिश से बिजली बोर्ड के ऊना सर्कल को 5.30 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। इसमें 300 मीटर एचटी लाइन और दो किलोमीटर लंबी एलटी लाइन टूट कर गिर गई। इससे बोर्ड को लगभग 1.50 लाख, 20 बिजली के खंभे गिरने से लगभग 80 हजार और तीन ट्रांसफार्मर जलने से तीन लाख का नुकसान हुआ है।