ऊना। हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, शिमला के सौजन्य से रविवार को बंगाणा विकास खंड की ग्राम पंचायत बल्ह में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ऊना सचिन रघु ने की। सीजेएम ने कहा कि लोगों को अपने झगड़ों का निपटारा लोक अदालतों के माध्यम से करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह से जहां उनके धन एवं समय की बचत होती है वहीं अदालतों के अनावश्यक चक्कर भी नहीं लगाने पड़ते हैं।
उन्होंने विधिक सेवा प्राधिकरण के अंतर्गत मिलने वाली कानूनी सहायता की जानकारी देते हुए बताया कि ऐसे व्यक्ति जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम हो, यदि अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग से संबंधित हो, यदि महिलाएं एवं बच्चे हों। उद्योगों में काम करने वाले कामगार हों, प्राकृतिक आपदा के शिकार हों। मानसिक रूप से अस्वस्थ हों तो ये सभी मुफ्त कानूनी सेवा के हकदार हैं तथा इसका लाभ उठा सकते हैं। शिविर में बीडीओ बंगाणा जगदीश भभौरिया ने उपस्थित ग्रामीणों को सूचना का अधिकार तथा मनरेगा अधिनियम से संबंधित जानकारी दी। अधिवक्ता सीमा शर्मा ने घरेलू हिंसा अधिनियम जबकि मनोज राणा ने उपभोक्ता संरक्षण, मोटर वाहन अधिनियम व सूचना का अधिकार बारे विस्तृत जानकारी उपस्थित लोगों को दी। इस दौरान प्रधान ग्राम पंचायत बल्ह ब्रह्मी देवी ने उनकी पंचायत में विधिक जागरूकता शिविर लगाने के लिए सीजेएम का धन्यवाद किया। इस अवसर पर एएसआई बंगाणा सुनील कुमार सहित पंचायत के कई लोग उपस्थित थे।