संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं तो दूर मरीजों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। अस्पताल के गायनी वार्ड के समीप बनाए गए शौचालयों पर ताला लटक रहा है। इसके अलावा मरीज को आपातकाल वार्ड तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर भी नहीं हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि अस्पताल में व्यवस्थाएं राम भरोसे चल रही हैं।
जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में व्यवस्थाएं सुधर नहीं पा रही हैं। अस्पताल की गायनी (स्त्री रोग) ओपीडी में जिले भर से सैकड़ों महिलाएं उपचार के लिए पहुंचती हैं। हालत यह है कि गायनी वार्ड के समीप शौचालय निर्माण तो किया गया है, लेकिन शौचालय में ताला लटक रहा है। ऐसे में महिलाएं पुरुष शौचालय या दूसरी मंजिल पर बने शौचालयों में जाने के लिए मजबूर हैं। अस्पताल प्रबंधन इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
दूसरी तरफ मरीज को ले जाने के लिए अस्पताल में स्ट्रेचर भी नहीं मिल पा रहे हैं। इस कारण से तीमारदारों को पकड़ कर मरीज को आपातकाल वार्ड तक ले जाना पड़ रहा है।
इन सभी दिक्कतों के चलते आमजन को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। इन स्थितियों में मरीजों का मर्ज और बढ़ रहा है। हैरत है कि वार्ड में दिन भर चिकित्सकों, स्टाफ और नर्सों का आना जाना लगा रहता है। इसके अलावा चिकित्सा अधीक्षक भी समय-समय पर अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण करते हैं। इसके बावजूद किसी चिकित्सक और अधिकारी ने इन दिक्कतों को दूर करने में पहल नहीं की है।
अस्पताल प्रबंधन की इस सुस्त कार्यप्रणाली के कारण मरीजों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमन कुमार शर्मा ने कहा कि समस्या उनके ध्यान में आई है। जल्द इसका हल किया जाएगा।