कहां और कैसे बनवाया फर्जी परमिट, विजिलेंस कर रही जांच
आरोपी चालक से पूछताछ में हो सकते हैं अहम खुलासे
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला मुख्यालय के पुराना होशियारपुर रोड पर पकड़ी देसी शराब खेप में विजिलेंस जांच के दायरे में शराब फैक्टरी और कारोबारी आ गए हैं। आखिर कैसे फैक्टरी से शराब खेप निकली और किस आधार पर यह खेप ऊना तक पहुंची को लेकर विजिलेंस जांच में जुट गई है। विजिलेंस इस मामले में तह तक पहुंचने के लिए शराब फैक्टरी प्रबंधन और कारोबारी को भी जांच में शामिल करने जा रही है।
विजिलेंस यह भी जांच कर रही है कि फर्जी परमिट कहां और कैसे बनवाया गया। इसके लिए आरोपी चालक से भी पूछताछ की जा रही है। फर्जी परमिट को लेकर कई अहम खुलासे जांच में हो सकते हैं। इस तरह के परमिट में कब से सप्लाई हो रही थी को लेकर भी जांच चल रही है। हालांकि ट्रक चालक पहली बार ही खेप लेकर ऊना पहुंचा था।
इस तरह की शराब तस्करी होने से सीधे तौर पर प्रदेश सरकार के राजस्व को चूना लग रहा था लेकिन अब मामला उजागर होने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। विजिलेंस के भी इस मामले में गहनता से छानबीन करने पर अब परतें खुल सकती हैं कि कोई फर्जी परमिट बनाने वाला गिरोह इस मामले में संलिप्त तो नहीं है। फिलहाल आरोपी चालक से पूछताछ जारी है जिसे रविवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस रिमांड मिलने पर विजिलेंस की जांच आगे बढ़ेगी।
वहीं, विजिलेंस डीएसपी अनिल मेहता ने बताया कि आरोपी से कड़ी पूछताछ की जा रही है। शराब फैक्टरी और संबंधित कारोबारी को भी जांच में शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।