उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कौशल विकास केन्द्र पालकवाह में सेंटर ऑफ डिजास्टर प्रीपेयर्डन
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हरोली/ऊना। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मंगलवार को कौशल विकास केंद्र पालकवाह में सेंटर ऑफ डिजास्टर प्रीपेयर्डनेस एंड रेजिलियेंस कार्यालय का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि इस कार्यालय के माध्यम से भूकंप, बाढ़, भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ मानव जनित आपदाओं के दौरान त्वरित बचाव, राहत एवं प्राथमिक चिकित्सा के लिए जवानों और नागरिकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें आधुनिक बचाव तकनीक, चिकित्सा प्रशिक्षण (सीपीआर) और मॉक ड्रिल शामिल हैं। इससे ज़िला ऊना व इसके आसपास के जिलों को भी लाभ होगा। इसके उपरांत कौशल विकास केन्द्र पालकवाह के ऑडिटोरियम में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल द्वारा मंगलवार को एक दिवसीय आपदा प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने की।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कभी बरसात में ऊना के लिए स्वां नदी प्राकृतिक आपदा का मुख्य कारण रही है। जिला ऊना में 1500 करोड़ की धनराशि व्यय करके स्वां नदी व इसकी सहायक खड्डों का तटीकरण किया गया। जिसमें 922 करोड़ रुपये की लागत से हरोली विस क्षेत्र के घालूवाल से बाथड़ी तक स्वां नदी का चैनलाइजेशन शामिल है। इससे न सिर्फ नदी के प्रकोप पर रोक लगी बल्कि हजारों एकड़ भूमि भी रिक्लेम करके आज उसी स्थान पर फसलें लहलहा रही हैं। पालकवाह में हिमाचल प्रदेश सेंटर ऑफ डिजास्टर प्रीपेयर्डनेस एंड रेजीलियेंस कार्यालय का संचालन हरोली विधानसभा क्षेत्र के विकास में एक नया अध्याय जुड़ा है।
उन्होंने कहा कि कमांडेट जनरल होमगार्ड एवं नागरिक सतवंत अटवाल से प्रेरित होकर आज बच्चियाें में पुलिस में सेवा करने का जज्बा पैदा हो रहा है। उपमुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ की टीम को राष्ट्रीय स्तर पर हुई प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल करने पर बधाई दी। यूपी राज्य के गाजियाबाद में 9 से 11 मार्च तक आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में 30 टीमों ने भाग लिया था, जिसमें एसडीआरएफ ने प्रतियोगिता को 41 मिनट में पूरा करके अपनी दक्षता, तैयार, संचालनात्मक उत्कृष्टता का प्रदर्शन करके देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया था।
कार्यक्रम में राज्य में आपदा के दौरान साहसिक व उत्कृष्ट सेवा प्रदर्शन करने वाले एसडीआरएफ, होमगार्ड, सिविल डिफेंस वालंटियर्स व युवा आपदा मित्रों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर फायर, होमगार्ड व एसडीआरएफ के जवानों ने भूकंप, सीपीआर और फायर सेफ्टी से संबंधित डेमो देकर उपस्थित प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया।