अभिभावक अपनी सुविधा और बजट के अनुसार किसी भी अधिकृत विक्रेता से खरीद सकते हैं सामान
निजी स्कूलों में मनमानी पर शिक्षा विभाग सख्त
विभाग ने स्पष्ट कहा, कई स्कूल नहीं कर रहे नियमों का पालन
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। शिक्षा विभाग ने जिले के निजी स्कूलों में विद्यार्थियों को किताबें और वर्दियां मनमाने तरीके से उपलब्ध कराने के मामलों पर कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि नियमों में किसी भी प्रकार की ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जानकारी के अनुसार कुछ निजी स्कूल अभिभावकों को एक ही दुकानदार से किताबें और वर्दियां खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है और वे बाजार में उपलब्ध सस्ते विकल्पों से वंचित हो रहे हैं। शिक्षा विभाग ने कहा कि इसके बावजूद कुछ स्कूलों की ओर से पहले जारी किए गए निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। ऐसे कई मामले अभी भी सामने आ रहे हैं। आगामी दिनों में जब स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया तेज़ होगी, तब विभाग ने स्कूलों को फिर से यह हिदायत दी है कि वे नियमों का उल्लंघन न करें।
शिक्षा विभाग ने दोहराया है कि किसी भी स्कूल को अभिभावकों को एक विशिष्ट दुकान से ही किताबें या वर्दियां खरीदने के लिए बाध्य करने का अधिकार नहीं है। अभिभावक अपनी सुविधा और बजट के अनुसार किसी भी अधिकृत विक्रेता से सामान खरीद सकते हैं। विभागीय अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि किसी स्कूल द्वारा जबरन एक ही दुकानदार से सामग्री बिकवाने या अनुचित लाभ लेने की शिकायत सही पाई जाती है, तो संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उपनिदेशक जिला उच्च शिक्षा विभाग अनिल कुमार तक्खी ने सभी निजी स्कूलों को पारदर्शिता बनाए रखने और अभिभावकों के हितों का ध्यान रखने का निर्देश दिया है। साथ ही, उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की है कि यदि उनसे किसी प्रकार की जबरदस्ती की जाती है तो इसकी शिकायत संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी या जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में की जाए।