ऊना में पीस मील कर्मचारी हड़ताल के दौरान।संवाद
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ऊना। एचआरटीसी पीसमील वर्करों की हड़ताल का असर अब बस रूटों पर भी पड़ना शुरू हो गया है। हड़ताल के चलते शुक्रवार को ऊना डिपो के दो रूट प्रभावित हुए। इससे इन बसों में सफर करने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आगामी दिनों में अगर पीसमील वर्करों की हड़ताल बढ़ती है तो आने वाले दिनों में और रूट भी प्रभावित हो सकते हैं।
जानकारी के अनुसार एचआरटीसी वर्कशॉप में वर्तमान में करीब 38 कर्मचारी काम करते हैं। इनमें 28 पीसमील वर्कर शामिल हैं। ऐसे में अब बसों की मरम्मत करने का जिम्मा अब केवल दस कर्मचारी संभाल रहे हैं। वर्कशॉप में मौजूदा समय में करीब 15 बसें मरम्मत के लिए खड़ी हैं, लेकिन पीसमील वर्करों की हड़ताल के चलते कर्मचारियों कम पड़ रहे हैं। इस कारण से शुक्रवार को दो बस रूट बंद रहे।
दूसरी तरफ एचआरटीसी के पीसमील वर्कर शुक्रवार को पांचवें दिन भी हड़ताल पर डटे रहे। पीसमील वर्करों का कहना है कि जब तक सरकार व एचआरटीसी प्रबंधन उनकी मांगों को पूरा नहीं करता तब तक अपनी हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे। शुक्रवार को भी पीसमील वर्करों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बता दें कि पीसमील वर्करों की हड़ताल के चलते वर्कशॉप में काम का सारा बोझ केवल दस नियमित कर्मचारियों पर आ गया है। अगर समय रहते हड़ताल समाप्त न हुई तो एचआरटीसी के जिला के कई रूट प्रभावित होने की संभावना है। इस संबंध में आरएम ऊना सुरेश धीमान ने कहा कि हड़ताल के चलते शुक्रवार को दो बस रूट प्रभावित रहे हैं। अगर हड़ताल कुछ दिन और चली तो आने वाले दिनों में बसों के कुछ और बसों के पहिये थम सकते हैं।
जारी रहेगी हड़ताल : तरुण
एचआरटीसी पीसमील वर्कर मंच ऊना के प्रधान तरुण कुमार ने बताया कि पीसमील वर्करों को पहले भी सरकार से कई बार मांगें पूरी करने का आश्वासन मिल चुका है, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। इस बार पीसमील वर्कर तभी हड़ताल समाप्त करेंगे, जब सरकार उनकी मांगों को पूरा करेगी। इस मौके पर पीसमील कर्मचारियों में अमित, रोहित, विनय, गुरदीप, मुकेश, संजीव, अजेश, पंकज, नूर, रमन, सुनील व रवि दत्त सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।