ऊना। जिले में प्रशासन नशे के खिलाफ अभियान चलाने और युवाओं को नशे से दूर रखने के दावे कर रहा है, वहीं जिला उपायुक्त कार्यालय से महज 50 मीटर की दूरी पर नशे का खुला खेल चल रहा है।
नगर निगम के एमसी पार्क स्थित सुलभ शौचालय में नशीले इंजेक्शन, सिरिंज, खाली शीशियां व शराब की बोतलें और अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिलने से पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हैरानी की बात यह कि यह सब उस इलाके में हो रहा है, जहां कुछ ही दूरी पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के आवास हैं।
एमसी पार्क का यह सुलभ शौचालय अब आम लोगों के उपयोग की जगह नशेड़ियों का अड्डा बन चुका है। शुक्रवार शाम के समय शौचालय के भीतर नशीले इंजेक्शन, इस्तेमाल की गई सिरिंज और गंदगी साफ तौर पर बता रही है कि यहां नशे का सेवन किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन हो या रात, कई युवक यहां संदिग्ध हालत में मंडराते दिखाई देते हैं। कई बार उन्हें शौचालय के भीतर और बाहर इंजेक्शन लगाते भी देखा गया। इसके बावजूद न तो पुलिस ने कोई कार्रवाई की और न ही नगर निगम ने इस ओर ध्यान दिया। सबसे गंभीर बात यह है कि यह शौचालय महिलाओं और बच्चों के उपयोग के लिए भी बना हुआ है।
मौजूदा हालात ऐसे हैं कि महिलाएं यहां जाने से डरती हैं। स्थानीय लोगों में सुमित शर्मा, राजवीर सिंह, अरविंद पाल, राकेश कुमार, अरुणा ठाकुर, नीलम शर्मा, पूजा सहित अन्य का आरोप है कि पुलिस की गश्त अब केवल राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों के चालान काटने तक सीमित होकर रह गई। शहर के भीतर, खासकर ऐसे संवेदनशील इलाकों में क्या हो रहा है, इसकी ओर किसी का ध्यान नहीं है।