बाथू के पटाखा फैक्टरी हुए धमाके के पीड़ित उद्योग के बाहर पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगात?
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बाथू (ऊना)। बाथू स्थित अवैध पटाखा फैक्टरी से माल रात को ही सप्लाई होता था। यहां दिन भर कामगार माल तैयार करते थे और रात को इसकी सप्लाई होती थी। बड़ा सवाल है कि कच्चा माल कैसे और कहां से अवैध फैक्टरी को मिलता रहा।
इसे लेकर भी अब जांच की कड़ियां मिलाई जा रही हैं। हालांकि अभी तक यह पूरी तरह से साफ नहीं हो पाया है। स्थानीय ग्रामीणों में हरभजन सिंह और फैक्टरी में काम करने वाले कामगार समीर की मानें तो रात के दौरान ही माल को भेजा जाता था। धड्डले से बन रहे इस माल को शातिर कैसे और किस तरह से बेचते थे, यह भी अभी तक साफ नहीं हो पाया है। इसका कनेक्शन इलाके की एक अन्य फैक्टरी के साथ भी जुड़ रहे हैं। हालांकि प्रशासन इस मामले में कार्रवाई कर रहा है। फैक्टरी को आने और जाने वाली सप्लाई कभी किसी के पकड़ में नहीं आई। यह सवाल खड़ा कर रहा है। स्वां नदी के साथ बने शैड में यह फैक्टरी विद्युत बोर्ड के ट्रांसफार्मर के साथ चल रही थी, लेकिन किसी भी विभाग की नजर में फैक्टरी नहीं आई। पंजाब से आए बलबीर सिंह, गुरपाल सिंह, जगतार सिंह ने भी फैक्टरी के संचालन पर सवाल उठाए हैं।