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धारा 118 की अनुमति से मिली भूमि पर कैसे चल रही थी पटाखा फैक्टरी

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बाथू में अवैध पटाखा फैक्टरी में हुए धमाके में की छानबीन करने के लिए उद्योग के अंदर जाती एसआईटी की ? - फोटो : Una
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ऊना। प्रदेश सरकार से धारा 118 के तहत मिली भूमि पर बाथू स्थित अवैध पटाखा फैक्टरी चल रही थी। हालांकि यह जमीन किसी दूसरे उद्योग को आवंटित की गई थी।
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मैसर्ज नोवा टेक के नाम पर आवंटित भूमि पर कैसे पटाखा फैक्टरी शुरू हो गई और कब पहले वाला उद्योग बंद हुआ, प्रशासन समेत किसी विभाग को इसकी कोई जानकारी नहीं है। बड़ा सवाल है कि धारा 118 के तहत अनुमति के बाद मिली भूमि में बिना किसी अनुमति के अवैध पटाखा उद्योग कैसे चल पड़ा। जबकि कायदे से इस भूमि के ट्रांसफर के लिए भी राज्य सरकार की अनुमति जरूरी है। पटाखा फैक्टरी की भूमि राजस्व रिकॉर्ड में मैसर्ज नोवा टेक के नाम से ही है। ऐसे में साफ है कि धड़ल्ले से ही मैसर्ज नोवा टेक को धारा 118 के तहत आवंटित भूमि का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस मामले में आवंटित भूमि के फर्म मालिक भी जांच के दायरे में है।
बताया जा रहा है कि मैसर्ज नोवा टेक को वर्ष 2012 में राज्य सरकार से जमीन कीअनुमति मिली थी। इसमें कंडा यानी वेइंग मशीन उद्योग चल रहा था। जनवरी 2021 में मैसर्ज नोवा टेक के नाम विद्युत कनेक्शन स्थायी तौर पर काट दिया गया था। इसके बाद यह प्लॉट के लिए कोई भी कनेक्शन विद्युत बोर्ड की तरफ से जारी नहीं किया गया। वहीं पेजयल कनेक्शन भी नहीं लिया गया।
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इस भूमि के दूसरी फर्म के नाम होने पर राजस्व रिकॉर्ड में भी उसका नाम अपडेट होना था, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में पहले वाली फर्म का नाम दर्ज है। इस संबंध में एसडीएम हरोली विकास शर्मा ने बताया कि बाथू पटाखा फैक्टरी जिस जगह पर चल रही थी, उस भूमि का आवंटन धारा 118 के तहत मिली अनुमति के तहत हुआ है। वर्तमान में अवैध रूप पटाखा फैक्टरी किस तरह इस भूमि में चल रही थी, इस संबंध में जांच चल रही है।
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