पुराने खस्ताहाल पुल की नहीं होगी मरम्मत, बरसात में पुल को पहुंची थी क्षति
अगली बरसात से पहले ठीक न हुआ तो बढ़ सकता है पुल के ऊपरी ढांचे को खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। बीते वर्ष बरसात में खस्ताहाल हुए घालूवाल झलेड़ा पुल की अब मरम्मत नहीं होगी। एनएच की ओर से इस पुल के साथ एक नये पुल का विकल्प लोगों को दिया जाएगा। यहां पर झलेड़ा से जाते समय पुराने पुल के दायीं ओर नये पुल का निर्माण करने का प्रस्ताव है।
नये पुल के संबंध में एनएच ने प्रारंभिक तौर की प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं को पूरा कर लिया है। चुनाव आचार संहिता के बाद इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को बनाकर तैयार कर किया जाएगा। बकायदा इस पर विभाग की ओर से काम शुरू भी कर दिया गया है। प्रारंभिक चरण में नये पुल निर्माण को लेकर सर्वे कर लिया गया है। दूसरी ओर यहां पुराने पुल के साथ नये पुल की जगह पर भूमि से रेत मिट्टी की जांच भी की जा चुकी है। उक्त प्रक्रिया में नये पुल के निर्माण को लेकर सभी मानक विभागीय अपेक्षा के अनुरूप ही आएं हैं। नये पुल निर्माण को लेकर सब कुछ गति से चल रहा था कि बीच में चुनाव संबंधित आदर्श चुनाव आचार संहिता लग गई और अधिकारी इसमें ड्यटी के लिए व्यस्त हो गए। हालांकि नये पुल के निर्माण को लेकर दस्तावेजी कार्य पूरा हो गया है। बस डीपीआर संबंधित कार्य चुनाव आचार संहिता के बाद गतिशील होगा।
पुराने पुल की स्लैब टूटी
घालूवाल झलेड़ा पुल के पिल्लर के साथ एनएच की ओर से मोटी स्लैब का निर्माण बीते वर्ष किया गया था, लेकिन बरसात के बीच आई बाढ़ में उक्त स्लैब धराशायी हो गई। यहां तक पुल की अप्रोच भी टूट गई। बेशक बाद में अप्रोच को मरम्मत कर पुल आवागमन के लिए बहाल हुआ, लेकिन पुल के नीचे स्लैब की मरम्मत आज दिन तक नहीं हो पाई है। इससे पुल के पिल्लर एवं बेसमेंट को आगामी बरसात के बीच खतरा बना हुआ है। अगर यह मरम्मत न हुई तो बाढ़ के बीच पुल के उपरी भाग को भी नुकसान झेलना पड़ेगा।
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घालूवाल झलेड़ा के पुराने पुल की मरम्मत का प्रस्ताव फिलहाल नहीं है। हां, यहां पर नये पुल को लेकर सर्वे और मिट्टी की जांच का कार्य पूरा कर लिया गया है। डीपीआर को बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आचार संहिता के बाद इसे पूरा कर लिया जाएगा।
-राजेश शर्मा, एसडीओ, एनएच, ऊना